




पूर्व विधायक शमशेर सिंह गोगी ने पार्टी के विधायक इंदुराज नरवाल पर भी निशाना साधा। गोगी ने कहा कि इंदुराज को “छाझ” और “छन्नी” के बीच का फर्क समझना चाहिए। दरअसल, इंदुराज नरवाल ने हाल ही में गोगी पर कटाक्ष करते हुए कहा था कि छाझ तो बोले छन्नी भी बोले जिसका जवाब देते हुए गोगी ने कहा कि नरवाल शायद किसी को खुश करने के लिए ऐसा बयान दे रहे हैं।
गोगी ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी भी कांग्रेस पार्टी के खिलाफ ऐसा कोई काम नहीं किया, जिससे उनकी तुलना “छन्नी” से की जा सके। उन्होंने इंदुराज को छोटा भाई बताते हुए कहा कि उन्हें अपनी आत्मा से पूछकर बयान देना चाहिए।
गोगी ने कांग्रेस पार्टी के मौजूदा नेतृत्व और संगठन पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि बिना फौज के जनरल कुछ नहीं कर सकता। पार्टी में संगठन का अभाव है और लीडरों के बीच आपसी तालमेल नहीं है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के नेताओं के बीच संवाद की कमी और सामूहिक रणनीति न होने के कारण ही कांग्रेस चुनाव में लोगों के मुद्दों को प्रभावी तरीके से सामने नहीं रख पाई।
गोगी ने कहा कि जो लोग पार्टी को नुकसान पहुंचाते हैं, चाहे वह कितना भी बड़ा नेता क्यों न हो, उन्हें पीछे कर देना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि पार्टी को ऐसे नए लोगों को मौका देना चाहिए, जो जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत कर सकें और पार्टी के संदेश को गांव-गांव तक पहुंचा सकें।
गोगी ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उदयभान और प्रभारी दीपक बावरिया पर भी निशाना साधते हुए कहा कि दोनों के बयानों में आपसी तालमेल की कमी साफ झलकती है। उन्होंने कहा कि हार के बाद भी किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली, जिससे पार्टी की स्थिति और कमजोर हो रही है।
हालांकि, गोगी ने राहुल गांधी का बचाव करते हुए कहा कि उनकी मेहनत के कारण ही पार्टी को 37 सीटें मिलीं। लेकिन उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कांग्रेस चुनाव के दौरान जनता तक अपने मुद्दों को प्रभावी तरीके से नहीं पहुंचा पाई।
पूर्व मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह के संगठन को मजबूत करने की बात का समर्थन करते हुए गोगी ने कहा कि वह पहले दिन से ही इस मुद्दे को उठा रहे हैं। चौधरी साहब का यह बयान स्वागत योग्य है, लेकिन इसे जल्द ही अमल में लाना चाहिए।




