




शमशेर सिंह गोगी ने पार्टी संगठन के निर्माण में हो रही देरी को लेकर अपनी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि जब तक संगठन मजबूत नहीं होगा, तब तक कार्यकर्ता निराश रहेंगे। गोगी ने कहा कि अगर संगठन बनेगा तो सबसे ज्यादा मेहनत कार्यकर्ता करेंगे और उनकी ही चौधर होगी। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष उदयभान को “बेचारा” बताते हुए तंज कसा कि उन्हें खुद नहीं पता कि वे कितने दिन तक अध्यक्ष रहेंगे।
गोगी ने पार्टी प्रभारी दीपक बाबरिया और उदयभान के संबंधों पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि चुनाव से पहले भी दोनों का आपस में बहुत प्यार था और अब भी दिख रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर प्रदेश अध्यक्ष ने प्रदर्शन करने वालों को प्रभार दिया, तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। लेकिन पार्टी में इसे लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा किया गया।
जब उनसे पूछा गया कि वे पार्टी में किस जिम्मेदारी के लिए तैयार हैं, तो गोगी ने जवाब दिया, “पार्टी जो भी जिम्मेदारी देगी, मैं उसे निभाने के लिए तैयार हूं। अगर मुझे प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाए या झाड़ू लगाने की जिम्मेदारी दी जाए, मैं हर भूमिका निभाने के लिए तत्पर हूं।” उन्होंने कहा कि वे कांग्रेस के प्रति समर्पित हैं और किसी भी अन्य दल में जाने का विचार उनके मन में नहीं है।
नगर निगम चुनाव को लेकर गोगी ने पार्टी नेतृत्व को सलाह दी कि कांग्रेस को सिंबल पर चुनाव लड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि 75 साल तक नफा-नुकसान सोचते रहे, लेकिन अब मेहनत करने की जरूरत है। भाजपा की तैयारी जोरों पर है, और अगर हम मोर्चा नहीं खोलेंगे, तो जीत संभव नहीं है।
गोगी ने आरएसएस और बीजेपी पर भी तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि आरएसएस से बड़ा रोहिंग्या कौन है? वे देश को बांटने और तोड़ने की कगार पर ले आए हैं। इनके दफ्तरों में भगत सिंह की तस्वीर तक नहीं मिलती। ये माफी वीरों और अंग्रेजों के चाटुकारों की विचारधारा को मानते हैं।
गोगी ने स्पष्ट किया कि पार्टी का भविष्य कार्यकर्ताओं की मेहनत और उनके योगदान पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि जिस भी कार्यकर्ता या नेता ने पार्टी के खिलाफ काम किया है, उसे संगठन में जगह नहीं मिलनी चाहिए।




