




Inkhabar Haryana, Subhash Sudha on Chandigarh: हरियाणा के पूर्व शहरी निकाय मंत्री सुभाष सुधा ने चंडीगढ़ और विपक्ष का नेता बनने से जुड़े मुद्दों पर बयान दिए, जिनमें कई अहम बातें सामने आईं। उन्होनें बयान जारी किया है जिसमें सुधा का मानना है कि चंडीगढ़ पर हरियाणा का 60-40 का हक है, जो पंजाब ने अब तक पूरा नहीं दिया।
सुभाष सुधा ने अपने बयान में कहा कि चंडीगढ़ में हरियाणा का पूरा हक है, और यह मामला इसलिए उठाया जा रहा है क्योंकि पंजाब की राजनीति इस समय चुनावी दृष्टिकोण से प्रभावित है। उनका मानना है कि पंजाब सरकार का ध्यान नशे की समस्या और अन्य मुद्दों पर होना चाहिए, लेकिन इस मुद्दे पर राजनीति की जा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि 2026 में परिसीमन के बाद हरियाणा में विधानसभा सीटों की संख्या बढ़ने की संभावना है, और इसके लिए हरियाणा की नई विधानसभा इमारत बन रही है।
हरियाणा में कांग्रेस पार्टी में विपक्ष के नेता के पद को लेकर उठ रहे सवालों पर भी सुभाष सुधा ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा की स्थिति इस समय उलझी हुई है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने भी हुड्डा को विपक्ष का नेता बनाने पर जवाब दिया था।
सुधा ने कहा कि हुड्डा को जो जवाब पार्टी हाईकमान से मिला, वही जवाब उन्होंने विधानसभा में भी दिया। उनका कहना था कि हुड्डा अब राजनीति में ज्यादा समय बर्बाद कर चुके हैं और अब प्रदेश में भाजपा का गुजरात मॉडल लागू हो चुका है, जिसमें भाजपा जो कहती है, वह करती है।
सुभाष सुधा ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की कार्यशैली की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि नायब सिंह सैनी ने मुख्यमंत्री बनने के बाद एक ही कलम से 25 हजार नौकरियां दीं, जो उनकी सरकार की सकारात्मक नीतियों को दर्शाता है। उनका कहना था कि भाजपा के नेतृत्व में हरियाणा में विकास की दिशा स्पष्ट है और कांग्रेस के बड़े नेता पार्टी छोड़कर बीजेपी का हाथ थाम रहे हैं।
सुधा ने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी में इस समय बिखराव है, और पार्टी के भीतर अलग-अलग गुट सक्रिय हैं। उनका कहना था कि कांग्रेस में कई “दुकानें” खुल चुकी हैं, जिसके कारण पार्टी में विपक्ष का नेता बनने का मामला अब तक हल नहीं हो सका है।




