




उदयभान ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर कानूनी गारंटी की मांग की थी। 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने अपने घोषणापत्र में एमएसपी की कानूनी गारंटी और किसानों की आय दोगुना करने का वादा किया था।
लेकिन, उदयभान के अनुसार, भाजपा सरकार ने इन वादों को पूरा करने के बजाय बड़े उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए तीन कृषि कानून लागू किए। इन विवादास्पद कानूनों के खिलाफ किसानों को आंदोलन करना पड़ा, जिसमें 700 से अधिक किसानों ने अपनी जान गंवाई। किसानों पर लाठीचार्ज, जुल्म और हिंसा के बाद भाजपा सरकार को झुकना पड़ा और कृषि कानूनों को वापस लेना पड़ा।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा किसानों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने के बजाय उन्हें बदनाम करने में जुटी है। उन्होंने भाजपा नेताओं द्वारा किसानों को “खालिस्तानी,” “आतंकवादी” और “आंदोलनजीवी” कहे जाने पर कड़ी निंदा की। उदयभान ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का नैतिक समर्थन किसानों के साथ है और भाजपा सरकार को आंदोलनरत किसानों के साथ वार्ता कर उनकी जायज मांगें माननी चाहिए, ताकि उन्हें सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर न होना पड़े।
हरियाणा के खेल राज्यमंत्री गौरव गौतम के कांग्रेस को लेकर दिए गए बयान पर पलटवार करते हुए उदयभान ने कहा कि भाजपा नेता कांग्रेस पर टिप्पणी करने से पहले अपनी पार्टी की स्थिति पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी एक मजबूत संगठन है और भाजपा की नीतियों के खिलाफ मजबूती से खड़ी है।




