Inkhabar Haryana, Vijay Rupani lucky Number 1206: गुजरात के पूर्व सीएम विजय भाई रूपाणी की जिंदगी में एक ऐसा रहस्यमयी संयोग रहा, जिसे केवल संयोग कह देना शायद सही नहीं होगा। यह है। “1206” नंबर का रहस्य, जो उनके जीवन के लगभग हर महत्वपूर्ण मोड़ से जुड़ा रहा, यहां तक कि उनके निधन की तारीख भी यही बन गई।
म्यांमार में हुआ था जन्म
विजय रूपाणी का जन्म म्यांमार (पूर्व बर्मा) में हुआ था, जहां उनके परिवार का टीक लकड़ी का सफल व्यवसाय था। म्यांमार में ही उन्होंने बचपन देखा, पढ़ाई की, और शुरुआती व्यावसायिक अनुभव प्राप्त किए। उनका परिवार लकड़ी के व्यापार में इतना सफल था कि उनका नाम पूरे क्षेत्र में जाना जाता था।
बाद में उनका परिवार भारत लौटा और गुजरात के राजकोट में बस गया। यहीं से विजय रूपाणी ने अपने नए जीवन की शुरुआत की। उन्होंने न केवल व्यवसाय को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया, बल्कि राजनीति में भी कदम रखा। भाजपा से जुड़े रूपाणी ने स्थानीय स्तर से लेकर राज्य स्तर तक खुद को स्थापित किया और अंततः गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में सेवा दी।
‘1206’ — हर मोड़ पर एक ही संख्या
रूपाणी की जिंदगी में “1206” महज़ एक नंबर नहीं, बल्कि एक प्रतीक जैसा बन गया था:
- उनका पहला वाहन, जिसे उन्होंने बहुत गर्व से खरीदा था, उसका नंबर था — GJ-3-1206।
- इसके बाद उन्होंने जितने भी पर्सनल वाहन खरीदे, सभी में उन्होंने नंबर 1206 ही सुनिश्चित किया।
- उनका मोबाइल नंबर भी इसी संख्या पर समाप्त होता था — …1206।
- वह इस संख्या को अपने लिए लकी नंबर मानते थे और अक्सर कहा करते थे कि इस नंबर से उन्हें आत्मविश्वास और ऊर्जा मिलती है।
अंतिम संयोग 12 जून यानी 12.06
इस कहानी का सबसे रहस्यमयी और भावुक पहलू यह है कि विजय रूपाणी का निधन भी 12 जून (12.06) को ही हुआ। यह वही अंक है, जो उनके जीवन के हर अध्याय में किसी न किसी रूप में साथ रहा। यह एक ऐसा दुर्लभ संयोग है, जो किसी फिल्म की कहानी जैसा लगता है।
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