





सीएम नायब सिंह सैनी पहलवानों के साथ
सीएम नायब सैनी ने कहा कि हरियाणा खेलों की धरती है और खेल क्षेत्र में राज्य की उपलब्धियां बेमिसाल हैं। उन्होंने हरियाणा कुश्ती दंगल के दौरान 500 से अधिक पहलवानों के भाग लेने पर गर्व व्यक्त किया और फाइनल राउंड में पहुंची 16 महिला पहलवानों की प्रशंसा की।
उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 के बाद राष्ट्रीय खेल क्षेत्र में कई बदलाव हुए हैं। स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर और खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता प्रदान करने वाली योजनाओं को प्रभावी बनाने से प्रेरित होकर हरियाणा सरकार ने भी नई खेल नीति लागू की। इसका परिणाम यह हुआ कि राज्य में आधुनिक खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित हुआ और ओलंपिक, एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों सहित अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हरियाणा के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘हरियाणा उत्कृष्ट खिलाड़ी सेवा नियम 2021’ के तहत खेल विभाग में 550 नए पद सृजित किए गए हैं। अब तक 224 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी प्रदान की गई है। इसके अलावा, ग्रुप-ए से ग्रुप-डी तक के पदों पर सीधी भर्ती में खिलाड़ियों को आरक्षण का लाभ दिया गया है।
राज्य सरकार ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए अब तक 593 करोड़ रुपये के नकद पुरस्कार वितरित किए हैं। वहीं, 298 खिलाड़ियों को नियमित मानदेय दिया जा रहा है। खेल प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई है। वर्ष 2014 से अब तक 29,000 से अधिक छात्रों को 53.45 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति दी गई है।
खेल संस्कृति को मजबूत करने के लिए राज्य में 1,489 खेल नर्सरियां कार्यरत हैं, जहां 37,225 खिलाड़ी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इन नर्सरियों में 8-14 वर्ष की आयु के खिलाड़ियों को 1,500 रुपये और 15-19 वर्ष के खिलाड़ियों को 2,000 रुपये मासिक दिए जा रहे हैं।
खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि हरियाणा की नई खेल नीति ने खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलता दिलाई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 से पहले खेल क्षेत्र के लिए मात्र 48 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे, जबकि वर्तमान सरकार ने 550 करोड़ रुपये खिलाड़ियों और खेल सुविधाओं के लिए व्यय किए हैं।




