




नीरज ने प्रतियोगिता की शुरुआत ही धमाकेदार अंदाज में की। अपने पहले ही प्रयास में उन्होंने 88.16 मीटर की दूरी नाप दी, जो अंत तक सबसे लंबा थ्रो साबित हुआ। यह थ्रो इतनी जबरदस्त थी कि मैदान में मौजूद दर्शक ही नहीं, बल्कि दुनियाभर के खेल प्रेमी भी चकित रह गए। पहले थ्रो के बाद ही नीरज ने बढ़त बना ली, और बाकी प्रतियोगियों को पीछे छोड़ते हुए वह अंत तक लीड बनाए रखने में सफल रहे।
प्रतियोगिता में मुकाबला आसान नहीं था। जर्मनी के जूलियन वेबर और ब्राज़ील के लुइज़ दा सिल्वा जैसे शीर्ष खिलाड़ी मैदान में थे। वेबर ने 87.88 मीटर का थ्रो कर नीरज को नजदीकी चुनौती दी, जबकि लुइज़ ने 86.62 मीटर फेंक कर कांस्य पदक अपने नाम किया। हालांकि दोनों ही नीरज की शुरुआती छलांग को पार नहीं कर सके।
नीरज के इस ऐतिहासिक प्रदर्शन का सीधा प्रसारण भारतीय खेल प्रेमियों को देखने को नहीं मिला। देश में किसी भी मुख्य ब्रॉडकास्टर ने डायमंड लीग का टेलीकास्ट नहीं किया, जिससे फैंस को सोशल मीडिया और वेबसाइट्स के सहारे नतीजे जानने पड़े। यह बात सोशल मीडिया पर फैंस की नाराज़गी का कारण भी बनी। कई लोगों ने यह सवाल उठाया कि देश के सबसे बड़े एथलीट के प्रदर्शन को टीवी पर क्यों नहीं दिखाया गया।
हालांकि जैसे ही नीरज की जीत की खबर सामने आई, सोशल मीडिया पर बधाइयों की बाढ़ आ गई। ट्विटर, इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म पर #NeerajChopra और #ParisDiamondLeague ट्रेंड करने लगे। फैंस ने उनकी जीत पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि नीरज न सिर्फ एक खिलाड़ी हैं, बल्कि भारत की उम्मीद हैं। कई यूज़र्स ने यह भी लिखा कि अब क्रिकेट के अलावा एथलेटिक्स भी भारत की असली पहचान बनता जा रहा है।




