




अश्विन ने भारत के लिए 106 टेस्ट मैच खेले और 537 विकेट झटके। उनकी गिनती दुनिया के सबसे सफल स्पिनरों में होती है। बल्लेबाजी में भी उन्होंने योगदान दिया और 3503 रन बनाए, जिसमें 124 रन उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर रहा। 18 दिसंबर 2024 को उन्होंने गाबा टेस्ट (ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ) के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया था। तब उन्होंने साफ किया था कि IPL उनका आखिरी ठिकाना होगा और वे इसे खेलते रहेंगे।
IPL में उनका सफर बेहद शानदार रहा। 221 मैचों में उन्होंने 187 विकेट झटके और 98 पारियों में 833 रन भी बनाए। गेंदबाजी में उनका बेस्ट 4/34 रहा और बल्लेबाजी में 50 रन उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर। अश्विन IPL में पांच टीमों के लिए खेले चेन्नई सुपर किंग्स, पंजाब किंग्स, दिल्ली कैपिटल्स, राजस्थान रॉयल्स और राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स। पंजाब किंग्स की कप्तानी भी उनके नाम रही।
अश्विन ने खुद स्वीकार किया कि बार-बार टूर पर जाना और ज्यादातर समय डगआउट में बैठे रहना उन्हें खलने लगा था। वे बोले कि मैं टीम में योगदान देना चाहता था, लेकिन जब खेलने के मौके कम मिलते हैं, तो लगता है कि क्या घर पर बच्चों के साथ वक्त बिताना ज्यादा बेहतर नहीं होगा। मैंने हमेशा सोचा था कि 34-35 की उम्र में संन्यास लूंगा। लगातार न खेल पाने के कारण यह फैसला जल्दी कर लिया। 38 साल की उम्र में उनके लिए यह सही समय लगा।
अश्विन का IPL करियर केवल उपलब्धियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विवादों से भी जुड़ा।
1. यूट्यूब चैनल विवाद – उनके चैनल के विश्लेषक प्रसन्ना अगोरम ने पिछले सीजन में कहा था कि “नूर अहमद की टीम में जरूरत नहीं थी।” इस बयान पर अश्विन की खूब आलोचना हुई।
2. CSK से असमंजस – 2026 सीजन से पहले अश्विन ने चेन्नई सुपर किंग्स से उनकी योजनाओं को लेकर साफ जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि अगर टीम में उनकी जगह नहीं है, तो वे अलग होने में कोई परेशानी नहीं मानते।
3. डेवाल्ड ब्रेविस विवाद – इंजरी रिप्लेसमेंट के तौर पर ब्रेविस को टीम में शामिल करने पर भी उन्होंने सवाल उठाए। हालांकि, बाद में सफाई दी कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया।
अश्विन ने अपने आखिरी सीजन यानी IPL 2025 में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेला। इस दौरान उन्होंने 9 मैचों में 7 विकेट लिए और बल्ले से सिर्फ 33 रन बनाए। प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा और शायद यह भी उनके मन को खटक गया।




