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Wrestler Rachana Parmar: हरियाणा की छोरी रचना परमार ने वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में रचा इतिहास, गोल्ड मेडल जीत गांव का नाम किया रोशन

BY: • LAST UPDATED : August 1, 2025
Inkhabar Haryana, Wrestler Rachana Parmar: हरियाणा के चरखी दादरी जिले के छोटे से गांव बौंद खुर्द की मिट्टी में जन्मी और अखाड़े में पसीना बहाकर खुद को तराशने वाली महिला पहलवान रचना परमार उर्फ भंभो ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि गांवों की बेटियां भी वैश्विक मंच पर देश का नाम रोशन कर सकती हैं। ग्रीस में आयोजित अंडर-17 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप 2025 में रचना ने 43 किलोग्राम भारवर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है।

शानदार प्रदर्शन से बनाई फाइनल तक जगह

रचना परमार ने इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए अपने खेल का लोहा मनवाया। उन्होंने शुरुआती मुकाबलों में कनाडा, मिस्र और अमेरिका की पहलवानों को जबरदस्त प्रदर्शन के दम पर पछाड़ा और फाइनल में जगह बनाई। हर बार में उनकी फुर्ती, तकनीक और आत्मविश्वास ने दर्शकों को प्रभावित किया।

फाइनल में चीन की पहलवान को दी करारी शिकस्त

31 जुलाई की रात हुए फाइनल मुकाबले में रचना परमार ने चीन की धाकड़ पहलवान के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए 3-0 से मुकाबला अपने नाम किया। इस निर्णायक जीत के साथ ही उन्होंने न सिर्फ देश के लिए गोल्ड मेडल जीता, बल्कि देशवासियों को गर्व का अवसर भी प्रदान किया।

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गांव में जश्न का माहौल

रचना की जीत की खबर जैसे ही गांव बौंद खुर्द पहुंची, वहां जश्न का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने लड्डू बांटे, ढोल-नगाड़े बजे, और रचना के घर पर बधाइयों का तांता लग गया। परिजनों और ग्रामीणों ने मंदिर जाकर भगवान का धन्यवाद किया और बेटी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

पूर्व WFI अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने किया सम्मानित

रचना की उपलब्धियों की गूंज पहले भी सुनाई दी है। हाल ही में एशियन चैंपियनशिप में भी रचना ने गोल्ड मेडल जीतकर भारत को गौरवान्वित किया था। इस अवसर पर गांव बौंद में एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे और रचना को सम्मानित किया।

पिता की उम्मीद

रचना के पिता अजीत सिंह ने कहा कि बेटी बचपन से ही मेहनती रही है। वह पिछले कुछ वर्षों से लगातार मेहनत कर रही है और अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन कर रही है। हमें पूरा विश्वास है कि वह आने वाले ओलंपिक में भी भारत के लिए पदक जरूर लेकर आएगी।