




Inkhabar Haryana, Ambala Chath puja 2024: अंबाला शहर में इस साल छठ पूजा धूमधाम से मनाई जाएगी, लेकिन इस बार पूर्वांचल के लोगों को कुछ नई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पहले महिलाएं छठ पूजा के अवसर पर घग्गर नदी में स्नान करने जाती थीं, लेकिन प्रदूषण के कारण नदी का पानी अब इतनी गंदगी से भर चुका है कि वहां स्नान करना हानिकारक हो गया है। इस कारण, अब इन लोगों ने नदी को छोड़कर काली माता मंदिर के तालाब में घाट बनाने का निर्णय लिया है, जहां महिलाएं स्नान करेंगी और पूजा-अर्चना करेंगी।
पूर्वांचल समुदाय के लोगों ने इस नए घाट को तैयार करने के लिए कड़ी मेहनत शुरू कर दी है। उन्होंने तालाब की सफाई का काम खुद ही शुरू कर दिया है। इसके अलावा, तालाब के किनारे घाट भी तैयार कर दिए गए हैं। इस पूरी प्रक्रिया में स्थानीय लोग पूरी तरह से जुटे हुए हैं और उनका कहना है कि प्रशासन की ओर से इस कार्य में कोई सहायता नहीं मिल रही है।
घग्गर नदी में प्रदूषण की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। नदी के पानी में जहरीले और गंदे तत्व शामिल होने के कारण इसे पूजा के लिए सुरक्षित नहीं माना जा सकता। यही कारण है कि पूर्वांचल समुदाय ने काली माता मंदिर के तालाब को अपनी छठ पूजा का स्थल बनाने का निर्णय लिया है।
तालाब के सफाई कार्य की निगरानी कर रहे प्रमुख व्यक्तियों का कहना है कि इस कार्य के लिए प्रशासन से कोई मदद नहीं मिल रही है।
हालांकि, वे स्वयं इस तालाब की सफाई कर रहे हैं और आश्वस्त हैं कि इस बार छठ पूजा का स्नान यहां पर किया जाएगा। काली माता मंदिर के तालाब में स्नान करने के बाद महिलाएं पूजा का आयोजन भी करेंगी।




