Inkhabar Haryana, Ambala Drain Cleaning: बरसात का मौसम दरवाजे पर दस्तक दे रहा है और अंबाला जैसे शहर में जलभराव एक आम समस्या बन चुकी है। हर साल की तरह इस बार भी नगर परिषद ने दावा किया है कि शहर को जलभराव से बचाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं, खासकर नालों की सफाई का कार्य समय से पहले पूरा कर लिया जाएगा। लेकिन ज़मीनी हालात इन दावों को गलत साबित कर रहे हैं।
गंदगी के कारण लोगों को झेलनी पड़ रही परेशानी
शहर के कई हिस्सों में नाले आज भी कचरे से लबालब भरे हुए हैं। गंदगी के अंबार ने न केवल आम लोगों की दिनचर्या को प्रभावित किया है, बल्कि आने वाले दिनों में संभावित जलभराव का खतरा और अधिक बढ़ा दिया है। इन नालों की तस्वीरें खुद प्रशासन की लापरवाही की गवाही दे रही हैं, जिससे यह सवाल उठना लाजिमी हो जाता है कि क्या वाकई नगर परिषद ने तैयारी पूरी कर ली है?
स्थानीय निवासी ललित कुमार का कहना है कि हर साल की तरह इस साल भी प्रशासन ने बड़े-बड़े दावे तो किए हैं, लेकिन हकीकत यह है कि हमारे इलाके के नाले अभी तक साफ नहीं हुए। हमें डर है कि एक बार फिर पहली बारिश में ही पानी हमारे घरों में घुस जाएगा।
जनता से अपील
जब इस मुद्दे पर नगर परिषद सेक्रेटरी राजेश कुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि नालों की सफाई के लिए ठेका पहले ही दिया जा चुका है। सफाईकर्मियों की ड्यूटी भी लगाई गई है और मशीनों की सहायता से सफाई कार्य जारी है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन ट्रॉली का उपयोग करें और कूड़ा नालों में न फेंकें ताकि बरसात के दौरान पानी की निकासी में कोई रुकावट न हो।
राजेश कुमार ने यह भी जानकारी दी कि नगर परिषद द्वारा एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है, जिस पर नागरिक सफाई संबंधी समस्याओं की जानकारी दे सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि नगर परिषद हर संभव प्रयास कर रही है कि बरसात से पहले सभी प्रमुख और उप नालों की सफाई पूरी कर ली जाए।
समस्या सिर्फ सफाई की नहीं, जागरूकता की भी
जहां एक ओर नगर परिषद पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आम जनता की जिम्मेदारी भी कम नहीं है। सड़कों और नालों में खुलेआम कचरा फेंकना आज भी आम बात है। यह व्यवहार न केवल नगर निगम के प्रयासों पर पानी फेर देता है, बल्कि पूरे शहर के लिए खतरा बन जाता है।