




Inkhabar Haryana, Ambala News: बिजली कर्मचारियों और HSEB वर्कर्स यूनियन ने बिजली विभाग की नीतियों और कार्यशैली को लेकर आज अंबाला कैंट में सभी सब डिविजन में 9 बजे से शाम 5 बजे तक वर्क सस्पेंड कर प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन का मुख्य कारण केसरी सब डिविजन के एक कर्मचारी को नौकरी से निष्कासित करने और बाद में दूसरी सब डिविजन में स्थानांतरित करना बताया गया है।
31 दिसंबर 2024 को, जब देश नए साल के जश्न में डूबा हुआ था, बिजली विभाग द्वारा केसरी सब डिविजन में कार्यरत एक कर्मचारी को नौकरी से निष्कासित करने का नोटिस थमा दिया गया। इस फैसले ने कर्मचारी और उसके परिवार पर मानो पहाड़ तोड़ दिया। कर्मचारियों की यूनियन HSEB ने इस निर्णय का कड़ा विरोध करते हुए तुरंत कदम उठाया और 1 जनवरी को अंबाला के केसरी सब डिविजन में वर्क सस्पेंड कर दिया।
प्रदर्शन के दबाव के चलते बिजली विभाग ने निष्कासित कर्मचारी को दोबारा नौकरी पर रख लिया, लेकिन उसे अंबाला शहर सब डिविजन में स्थानांतरित कर दिया गया। यह कदम कर्मचारियों को नागवार गुजरा और उन्होंने इसे “तानाशाहीपूर्ण” फैसला बताया।
कर्मचारी अब मांग कर रहे हैं कि संबंधित कर्मचारी को वापस केसरी सब डिविजन में नियुक्त किया जाए। यूनियन का कहना है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो उनका प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा। आज के प्रदर्शन में अंबाला कैंट की सभी सब डिविजन ने भाग लिया और कामकाज पूरी तरह से ठप कर दिया।
HSEB वर्कर्स यूनियन के पदाधिकारियों का कहना है कि यह केवल एक कर्मचारी का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह हमारे अधिकारों और न्याय की लड़ाई है। विभाग अपनी तानाशाही नीतियों से कर्मचारियों को दबाने की कोशिश कर रहा है, जिसे हम बर्दाश्त नहीं करेंगे।
यूनियन ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें जल्द नहीं मानी गईं तो यह प्रदर्शन व्यापक रूप ले सकता है। उन्होंने कहा कि विभाग को कर्मचारी हितों का सम्मान करना चाहिए और निष्कासित कर्मचारी को उसके मूल स्थान पर बहाल करना चाहिए।
इस प्रदर्शन के चलते अंबाला कैंट और आसपास के इलाकों में बिजली सेवाएं प्रभावित हुईं, जिससे आम जनता को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। यूनियन और विभाग के बीच समाधान की कोई स्पष्ट दिशा अभी तक नहीं निकल पाई है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच बातचीत की उम्मीद जताई जा रही है।




