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Anil Vij: परिवहन विभाग से पुलिस अधिकारियों को हटाने पर जोर, विज ने दिखा दिए कड़े तेवर, कहा- “मुझे ये नहीं चाहिए”

BY: • LAST UPDATED : January 2, 2025
Inkhabar Haryana, Anil Vij: हरियाणा सरकार ने परिवहन विभाग से पुलिस अधिकारियों को हटाने का निर्णय लिया है। इस बदलाव को लेकर राज्य के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने स्पष्ट किया है कि पुलिस और सिविल प्रशासन की कार्यप्रणाली और प्रशिक्षण में अंतर होता है। इसलिए यह उचित नहीं है कि पुलिस अधिकारी सिविल पदों पर नियुक्त होकर उन जिम्मेदारियों को निभाएं, जिनके लिए वे प्रशिक्षित नहीं हैं।

परिवहन विभाग में बदलाव की पृष्ठभूमि

यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब परिवहन विभाग में भ्रष्टाचार के आरोपों ने गहराई पकड़ ली थी। खट्टर सरकार के कार्यकाल में आरटीए (रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी) के पदों पर गैर-एचसीएस (हरियाणा सिविल सेवा) अधिकारियों की नियुक्ति का निर्णय लिया गया था। उस समय वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी शत्रुजीत कपूर ने इस कदम को लागू किया था। यह बदलाव तब आवश्यक समझा गया जब कई एचसीएस अधिकारियों को भ्रष्टाचार के मामलों में गिरफ्तार किया गया।

कैबिनेट मंत्री विज का पक्ष

अनिल विज का कहना है कि सिविल और पुलिस अधिकारियों की भूमिकाएं और जिम्मेदारियां अलग-अलग होती हैं। पुलिस अधिकारियों को सिविल पदों पर तैनात करना न केवल सिस्टम को जटिल बनाता है, बल्कि भ्रष्टाचार और अक्षमता की संभावना को भी बढ़ाता है। उन्होंने इस संबंध में पत्र लिखकर अपनी असहमति जाहिर की थी, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया।

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विभागीय सुधारों की प्रक्रिया

वर्तमान परिवहन मंत्री बनने के बाद विज ने विभागीय सुधारों की प्रक्रिया शुरू की। मोटर व्हीकल ऑफिसर के रूप में तैनात पुलिस अधिकारियों को वापस बुला लिया गया है और उनके स्थान पर विभागीय कर्मियों की नियुक्ति की जा रही है। इसके अतिरिक्त, आरटीए के पदों पर एचसीएस अधिकारियों को प्राथमिकता देने की सिफारिश की गई है।

नवदीप सिंह विर्क का स्थानांतरण

परिवहन विभाग के प्रधान सचिव, आईपीएस नवदीप सिंह विर्क, को खेल विभाग में स्थानांतरित कर दिया गया है। उनकी जगह वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अशोक खेमका को एडिशनल चीफ सेक्रेटरी के रूप में नियुक्त किया गया है। अशोक खेमका की छवि एक ईमानदार और सुधारवादी अधिकारी की है और उनके इस पद पर आने से विभाग में पारदर्शिता और सुधार की उम्मीदें बढ़ गई हैं।