Inkhabar Haryana, Anil Vij: हरियाणा के परिवहन एवं उर्जा मंत्री अनिल विज की नाराजगी को लेकर किसानों में चिंता बढ़ गई है। इसी के मद्देनजर भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष रत्न मान के नेतृत्व में किसानों का एक दल 9 फरवरी को अनिल विज के अंबाला स्थित निवास स्थान पर जाकर उनसे मुलाकात करेगा और उन्हें मनाने का प्रयास करेगा।
अनिल विज की नाराजगी और किसानों की चिंता
गौरतलब है कि हाल ही में अनिल विज ने कहा था कि अब वह अंबाला में खुला दरबार नहीं लगाएंगे और मासिक ग्रीवेंस बैठक में भी शामिल नहीं होंगे। इस बयान से प्रदेशभर के किसान, मजदूर और अन्य वर्गों में चिंता व्याप्त हो गई है। रत्न मान ने कहा कि अनिल विज एक सुलझे हुए और वरिष्ठ राजनेता हैं, लेकिन अगर वह स्वयं कह रहे हैं कि अधिकारी उनकी नहीं सुनते, तो यह प्रदेश के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि अगर प्रदेश के एक “गब्बर” और “धाकड़” मंत्री की ही नहीं सुनी जा रही है, तो आम जनता और किसानों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
किसानों का सामूहिक निर्णय
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष रत्न मान ने कहा कि इस मुद्दे पर किसानों के बीच विचार-विमर्श किया गया और यह निर्णय लिया गया कि 9 फरवरी को यूनियन का एक दल अनिल विज से मिलने जाएगा। किसानों का कहना है कि अनिल विज किसी भी परिस्थिति में हों, लेकिन जनता की सुनवाई के लिए उन्हें खुला दरबार लगाना चाहिए और आम लोगों की समस्याओं को सुनना चाहिए।
रत्न मान ने स्पष्ट किया कि उनके बयान का कोई राजनीतिक अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए। यह निर्णय पूरी तरह संगठन की सोच का परिणाम है और भारतीय किसान यूनियन एक अराजनीतिक मंच है। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य सही को सही कहना और गलत का विरोध करना है।
भारतीय किसान यूनियन का समर्थन
रत्न मान ने कहा कि यदि सरकार की ओर से अनिल विज को पूरा सहयोग नहीं मिल रहा है, तो भारतीय किसान यूनियन उनके साथ है। संगठन गांव-गांव में खुला दरबार लगाने के लिए विज का समर्थन करेगा ताकि जनता की समस्याओं का समाधान हो सके।
उन्होंने यह भी कहा कि अनिल विज की कार्यशैली प्रभावशाली है और वह गलत को गलत कहने का साहस रखते हैं। किसानों का मानना है कि विज में निर्णय लेने की जो हिम्मत और दमखम है, वह उन्हें प्रदेश के अन्य नेताओं से अलग बनाता है। इसी कारण किसानों ने उन्हें मनाने का फैसला किया है।