Inkhabar Haryana, Ayushman card treatment stop in Haryana: हरियाणा सरकार द्वारा संचालित आयुष्मान भारत योजना, जिसे एक बड़ी सामाजिक उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, अब खुद सरकार के लिए मुसीबत बनती नजर आ रही है। राज्य के 650 से अधिक निजी अस्पतालों ने यह ऐलान किया है कि 7 अगस्त 2025 से वे आयुष्मान कार्ड धारकों का इलाज नहीं करेंगे।
भुगतान न मिलने से अस्पतालों में नाराज़गी
निजी अस्पतालों का कहना है कि उन्होंने आयुष्मान भारत योजना के तहत लाखों मरीजों का मुफ्त इलाज किया है, लेकिन सरकार द्वारा अब तक उसका भुगतान नहीं किया गया है। इसको लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के पदाधिकारी कई बार मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मिल चुके हैं, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया। IMA हरियाणा अध्यक्ष डॉ. डी. के. सोनी का कहना है कि सरकार गंभीरता नहीं दिखा रही। जब बजट ही योजना के मुताबिक नहीं होगा, तो भुगतान कैसे होगा? योजना का बजट 2500 करोड़ होना चाहिए था, लेकिन केवल 700 से 800 करोड़ रुपये ही निर्धारित किए गए हैं।
नई योजनाएं शुरू पुरानी की भुगतान नहीं
सरकार द्वारा अब ‘चिरायु कार्ड’ और 70 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए नए आयुष्मान कार्ड जारी किए जा रहे हैं, लेकिन जिन अस्पतालों ने पहले से सेवाएं दी हैं, उन्हें पैसा नहीं दिया जा रहा। यही कारण है कि अस्पतालों ने अब 7 अगस्त से आयुष्मान योजना के तहत इलाज रोकने का फैसला लिया है।
सरकार के फैसलों को लागू नहीं किया जा रहा- डॉ. राजन शर्मा
IMA के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजन शर्मा ने भी इस मुद्दे पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जब यह योजना शुरू की गई थी, मैं कमेटी का हिस्सा था और तब भी मैंने सवाल उठाया था कि इतना पैसा कहां से आएगा? मेरी बात को नजरअंदाज कर दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। अधिकारियों द्वारा बार-बार बैठकें तो होती हैं लेकिन उनमें लिए गए फैसलों को लागू नहीं किया जाता।
इलाज करने वालों को नहीं मिल रहा पैसा