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Bahadurgarh News: बहादुरगढ़ के अशोक नगर में सीवरेज समस्या बनी बड़ी चुनौती, 5 साल से नारकीय जीवन जीने को लोग मजबूर

BY: • LAST UPDATED : January 7, 2025
Inkhabar Haryana, Bahadurgarh News: अशोक नगर के निवासी पिछले पांच वर्षों से सीवरेज ब्लॉक की गंभीर समस्या का सामना कर रहे हैं। सीवर का गंदा पानी गलियों में बह रहा है, जिससे यहां के लोगों को नारकीय हालात में जीने को मजबूर होना पड़ रहा है। इस समस्या के कारण न केवल जनजीवन प्रभावित हुआ है, बल्कि बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।

सीवरेज समस्या से पांच साल से जूझ रहे लोग

अशोक नगर के निवासियों का कहना है कि पिछले पांच वर्षों से यह समस्या लगातार बनी हुई है। सीवर ब्लॉक होने के कारण गलियों में गंदा पानी भर जाता है, और स्थानीय लोगों को उसी पानी में से होकर गुजरना पड़ता है। स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि गंदे पानी के कारण डेंगू, मलेरिया और अन्य बीमारियों का खतरा हर समय बना रहता है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे कई बार इस समस्या की शिकायत जन स्वास्थ्य विभाग, नगर परिषद की चेयरपर्सन और बहादुरगढ़ के विधायक से कर चुके हैं। हालांकि, हर बार अधिकारी केवल अस्थायी समाधान करके अपनी जिम्मेदारी पूरी कर लेते हैं। शिकायतों के बावजूद सीवरेज की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।

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अधिकारियों की लापरवाही पर फूटा गुस्सा

लोगों ने बताया कि जब भी सीवरेज की सफाई करवाई जाती है, कुछ घंटों के बाद ही सीवर फिर से ब्लॉक हो जाते हैं। गंदगी और दुर्गंध के कारण लोग मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान हैं। स्थानीय निवासी इस समस्या को लेकर सरकार और प्रशासन पर उदासीनता का आरोप लगा रहे हैं।

मुख्यमंत्री को लिखा गया पत्र

निराश होकर स्थानीय निवासियों ने अब प्रदेश के मुख्यमंत्री और बहादुरगढ़ के विधायक को पत्र लिखकर समस्या का समाधान करने की मांग की है। लोगों को उम्मीद है कि भाजपा सरकार उनकी इस पुरानी समस्या का समाधान करेगी।

नारकीय जीवन जीने को मजबूर

अशोक नगर की गलियां सीवरेज ब्लॉक की समस्या के कारण जलमग्न हैं। यहां के निवासी नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। प्रशासनिक लापरवाही के चलते समस्या का समाधान होता नहीं दिख रहा है।

हालांकि, लोगों को प्रदेश सरकार से काफी उम्मीदें हैं। लेकिन यह देखना होगा कि क्या सरकार और स्थानीय प्रशासन इस समस्या का स्थाई समाधान कर पाते हैं या अशोक नगर के लोगों को इसी तरह परेशान होना पड़ेगा।