Inkhabar Haryana, Bahadurgarh Panchayat Committee conflict: बहादुरगढ़ की पंचायत समिति में जारी राजनीतिक खींचतान ने क्षेत्र के विकास कार्यों पर गहरा असर डालना शुरू कर दिया है। आठ करोड़ रुपये के विकास कार्यों को लेकर बुलाई गई समिति की बैठक एक बार फिर विरोध की भेंट चढ़ गई। चेयरपर्सन के नेतृत्व को लेकर जारी विवाद के चलते पंचायत समिति का कामकाज पूरी तरह से ठप होता दिख रहा है।
बैठक में हुआ हंगामा
सोमवार को बुलाई गई पंचायत समिति की बैठक में विकास कार्यों के लिए प्रस्तावित करीब आठ करोड़ रुपये के खर्च पर चर्चा होनी थी। लेकिन बैठक की शुरुआत से ही माहौल तनावपूर्ण रहा। बैठक में शामिल कुल 27 पार्षदों में से 15 पार्षदों ने चेयरपर्सन वर्षा गौतम के खिलाफ खुलकर विरोध जताया, जिसके चलते बैठक का कोई भी एजेंडा पारित नहीं हो सका और अंततः इसे स्थगित कर देना पड़ा।
भाजपा के भीतर की खींचतान बनी वजह
गौरतलब है कि चेयरपर्सन वर्षा गौतम भाजपा के पूर्व विधायक नरेश कौशिक की समर्थक मानी जाती हैं। हालांकि, उन्हीं की पार्टी यानी भाजपा का एक दूसरा गुट लगातार उनके खिलाफ मोर्चा खोले हुए है। इस गुटबाजी का असर अब पंचायत समिति के संचालन पर साफ दिख रहा है। विरोधी पार्षदों ने वर्षा गौतम के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी पहले ही पेश कर रखा है, जिस पर चर्चा के लिए बुलाई गई विशेष बैठक भी पिछली बार स्थगित हो चुकी है।
एक महीने में दूसरी बार बैठक बेनतीजा
विपक्षी पार्षदों का कहना है कि वर्षा गौतम के पास अब बहुमत नहीं बचा है। उनका यह भी आरोप है कि चेयरपर्सन ने माहौल बिगड़ता देख बैठक से दूसरी बार बीच में ही निकल जाना बेहतर समझा। इससे पहले भी एक बैठक इसी तरह बेनतीजा रही थी। इस राजनीतिक गतिरोध की सबसे बड़ी कीमत गांव के उन लोगों को चुकानी पड़ रही है, जो विकास कार्यों की आस लगाए बैठे हैं।
जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया