




पंजाब सरकार के जल संसाधन विभाग ने भाखड़ा मुख्य लाइन नहर से जल प्रवाह की माप की। इन आंकड़ों के अनुसार, हरियाणा की दैनिक जल मांग 6017 क्यूसेक थी, जबकि नहर में 6062 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसमें राजस्थान के हिस्से का पानी भी शामिल था।
राजस्थान की मांग 623 क्यूसेक प्रतिदिन की थी, लेकिन उसे केवल 424 क्यूसेक पानी प्राप्त हुआ। इसका मतलब है कि राजस्थान को प्रतिदिन लगभग 199 क्यूसेक पानी कम दिया गया।
15 नवंबर को हुए जल मापन में यह भी पाया गया कि हरियाणा को पंजाब से उसकी मांग से 135 क्यूसेक अधिक पानी मिला। इसके विपरीत, राजस्थान को 593 क्यूसेक पानी कम दिया गया। यह अंतर स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि हरियाणा राजस्थान के हिस्से का पानी इस्तेमाल कर रहा है।
पंजाब सरकार ने अपने पत्र में राजस्थान सरकार को इन आंकड़ों से अवगत कराते हुए हरियाणा की जल आपूर्ति प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। पंजाब ने यह भी कहा है कि राजस्थान के हिस्से का पानी रोकना जल बंटवारे के समझौते और नियमों का उल्लंघन है।




