




निरीक्षण के दौरान, एक ही घर में रह रहे दो भाइयों ने बताया कि उनकी प्रॉपर्टी आईडी में भारी गड़बड़ी कर दी गई है। एक भाई की प्रॉपर्टी को ‘ऑथराइज्ड’ दिखाया गया है, जबकि उसी मकान को दूसरे भाई की प्रॉपर्टी आईडी में ‘अनऑथराइज्ड’ घोषित कर दिया गया है। इसी प्रकार, एक महिला ने बताया कि वह लंबे समय से अपनी प्रॉपर्टी आईडी ठीक करवाने के लिए निगम कार्यालय के चक्कर लगा रही है, लेकिन हर बार उसे सिर्फ आश्वासन दिया जा रहा है।
लोगों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कमिश्नर ए. मोना श्रीनिवास ने मौके पर ही संबंधित निगम अधिकारियों और कर्मचारियों को बुलाकर समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कमिश्नर ने कहा कि समाधान शिविरों में आई लगभग 75 प्रतिशत शिकायतों का निपटारा किया जा रहा है, लेकिन कुछ विवादित मामले हैं जिनमें समय लग सकता है। इसके बावजूद, उन्होंने निगम की हेल्प डेस्क को और अधिक प्रभावी बनाने की योजना की घोषणा की, ताकि नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो सके।
शहर की सफाई व्यवस्था पर चर्चा करते हुए कमिश्नर ने बताया कि इको ग्रीन के हटने के बाद डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण और डंपिंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि निगम की ओर से सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है।




