




इसी क्रम में, पशु चिकित्सक डॉ. विजय सनसनवाल ने भिवानी गौशाला ट्रस्ट का दौरा किया और सर्दी से बचाव के उपायों का निरीक्षण किया। उन्होंने गौशाला कर्मचारियों को सलाह दी कि गौशालाओं में लगे शेड्स को तिरपाल या अन्य सामग्री से ढककर ठंडी हवा को अंदर आने से रोका जाए। उन्होंने यह भी कहा कि शेड्स में मूत्र और गोबर एकत्रित न होने दें और सफाई का विशेष ध्यान रखें।
डॉ. सनसनवाल ने बताया कि धूप निकलने पर तिरपाल को हटाकर शेड्स में ताजी हवा आने दी जाए, जिससे बदबू न फैले। उन्होंने सुझाव दिया कि पशुओं के खाने में सूखे तूड़े का अधिक इस्तेमाल करें और फर्श पर भी बचा हुआ तूड़ा डालें ताकि पशुओं को बैठने के लिए गर्म स्थान मिल सके।
डॉ. सनसनवाल ने कहा कि जैसे ठंड मनुष्यों को प्रभावित करती है, वैसे ही यह गौवंश के लिए भी हानिकारक हो सकती है। इसलिए, पशुपालन विभाग द्वारा सुझाए गए उपायों का पालन करना नितांत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ठंड से बचाव के उपाय समय पर करने से गौवंश को स्वस्थ रखा जा सकता है।
भिवानी के महम रोड स्थित गौसेवा ट्रस्ट के प्रधान मोहनलाल बुवानीवाला ने बताया कि उनके द्वारा गौवंश को ठंड से बचाने के सभी आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पशुपालन विभाग की एडवाइजरी का सख्ती से पालन किया जा रहा है।
गौशाला विस्तारक अधिकारी मोहनलाल ने भी इस बात की पुष्टि की कि गौशालाओं में पशुओं को सर्दी से बचाने के लिए विशेष कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि हमने विभाग द्वारा सुझाए गए सभी उपायों को लागू किया है। पशु चिकित्सक डॉ. विजय सनसनवाल के सुझावों को भी अमल में लाया गया है, जिससे हमारा गौवंश पूरी तरह सुरक्षित है।




