Inkhabar Haryana, Bhiwani Teacher Manisha Last Rite: हरियाणा के भिवानी जिले के गांव ढाणी लक्ष्मण की 18 वर्षीय शिक्षिका मनीषा की मौत का मामला दिनों-दिन तूल पकड़ता चला गया। लगातार विरोध-प्रदर्शन, धरना और परिवार की न्याय की मांग के बाद आखिरकार प्रदेश सरकार ने इस प्रकरण को सीबीआई जांच के लिए सौंपने का निर्णय लिया। जिसके बाद आज मनीषा का अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।
क्या हैं पूरा मामला?
11 अगस्त को मनीषा पड़ोस के गांव सिंघानी स्थित एक निजी प्ले स्कूल में पढ़ाने के लिए गई थी। लेकिन उस दिन वह घर नहीं लौटी। दो दिन बाद, 13 अगस्त को उसका शव गांव के खेतों में मिला। इस घटना ने पूरे इलाके को हिला दिया। परिवार और ग्रामीणों ने शुरुआत से ही दुष्कर्म व हत्या का आरोप लगाया और पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े किए। वहीं, प्रशासनिक स्तर पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पहले भिवानी में और बाद में रोहतक पीजीआई में पोस्टमार्टम कराया गया।
दोनों रिपोर्ट्स में मौत का कारण जहर बताया गया और दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई। इसके बावजूद पीड़ित परिवार ने इन रिपोर्ट्स पर भरोसा जताने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि जब तक दिल्ली एम्स में पोस्टमार्टम नहीं होगा और मामले की जांच सीबीआई को नहीं सौंपी जाएगी, तब तक वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
धरना और आंदोलन
परिवार और ग्रामीणों ने शव के अंतिम संस्कार से साफ इनकार कर दिया। गांव ढाणी लक्ष्मण में लगातार धरना और प्रदर्शन शुरू हो गए। धीरे-धीरे यह आंदोलन पूरे हरियाणा में फैलने लगा और कई जगह सड़कें जाम कर प्रदर्शन किए गए।
सरकार का हस्तक्षेप
बुधवार सुबह मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ऐलान किया कि मामला सीबीआई को सौंपा जाएगा। इसके साथ ही सरकार ने दिल्ली एम्स में तीसरी बार पोस्टमार्टम कराने की अनुमति दी। बुधवार को ही एम्स में पोस्टमार्टम हुआ और शाम करीब साढ़े पांच बजे शव परिजनों को सौंपा गया। शव को सुरक्षा कारणों से पहले भिवानी के सरकारी अस्पताल में रखा गया।
भाई ने किया अंतिम संस्कार
गुरुवार सुबह भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मनीषा का शव सीधे श्मशान घाट लाया गया। वहां सैकड़ों की संख्या में लोग अंतिम संस्कार में शामिल हुए। छोटे भाई ने अपनी बहन को मुखाग्नि दी। इस दौरान गांव का माहौल गमगीन रहा। इस बीच मनीषा के पिता फूट-फूटकर रो रहे थे।