Inkhabar Haryana, Candle March in Rewari: हरियाणा के भिवानी जिले के सिंघानी गांव में 19 वर्षीय महिला टीचर मनीषा की निर्मम हत्या ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। यह मामला अब केवल एक गांव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आसपास के जिलों में भी गहरा आक्रोश फैल चुका है। खासकर रेवाड़ी में इस हत्याकांड को लेकर लोगों में गुस्सा और चिंता दोनों ही साफ दिखाई दे रहे हैं।
कैंडल मार्च से उठी आवाज़
रविवार शाम को रेवाड़ी के स्थानीय नागरिकों और शिक्षकों ने मनीषा को श्रद्धांजलि अर्पित करने और उसे न्याय दिलाने की मांग को लेकर मौन जुलूस निकाला। यह कैंडल मार्च अंबेडकर पार्क, बूढ़पुर रोड से शुरू होकर कंकर वाली बगीची मंदिर तक पहुँचा। हाथों में मोमबत्तियाँ और दिलों में न्याय की पुकार लिए लोग चुपचाप आगे बढ़ते रहे, लेकिन उनकी खामोशी व्यवस्था पर तीखा सवाल खड़ा कर रही थी।
पुलिस प्रशासन पर सवाल
प्रदर्शनकारियों ने सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए। उनका कहना था कि घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी हत्यारे खुलेआम घूम रहे हैं। यह स्थिति न केवल कानून-व्यवस्था की पोल खोलती है, बल्कि आम जनता के मन में सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता भी पैदा करती है।
“बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” पर कटाक्ष
प्रदर्शनकारियों ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि एक ओर तो भाजपा सरकार “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” का नारा देती है, लेकिन हकीकत यह है कि आज प्रदेश में बेटियाँ सुरक्षित नहीं हैं। उनका कहना था कि निर्भया कांड के बाद भले ही कठोर कानून बनाए गए हों, लेकिन अपराधियों में उन कानूनों का कोई खौफ नजर नहीं आता।
जनता के गुस्से में बदला दर्द
कैंडल मार्च में शामिल लोगों ने साफ शब्दों में कहा कि भाजपा सरकार को बनाना शायद जनता की भूल थी। आज बेटियों की सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती बन गई है और सरकार इस दिशा में नाकाम साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि मनीषा अपने जीवन को सँवारने, सपनों को पूरा करने और समाज में योगदान देने का प्रयास कर रही थी, लेकिन अपराधियों ने उसकी जिंदगी बेरहमी से छीन ली।
न्याय की पुकार
स्थानीय नागरिकों और शिक्षकों का कहना है कि जब तक अपराधियों को सख्त से सख्त सजा नहीं दी जाती, तब तक समाज में बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो सकती। लोगों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही पुलिस ठोस कार्रवाई नहीं करती, तो यह आंदोलन और व्यापक रूप लेगा।