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Census 2025: भारत में जनगणना 2025, एक महत्वपूर्ण पहल होगी शुरू

BY: • LAST UPDATED : October 28, 2024

Census 2025: भारत में जनगणना का कार्य हर दस वर्ष में किया जाता रहा है। पहले यह 2001 और फिर 2011 में हुई थी। 2021 में कोविड-19 महामारी के कारण जनगणना नहीं हो पाई, जिसके चलते अब इसे 2025 में आयोजित किया जाएगा। इस बार की जनगणना जनवरी 2025 से शुरू होकर दिसंबर 2025 तक पूरी की जाएगी।

जनगणना में कुछ नए पहलुओं को गया जोड़ा

2025 की जनगणना में कुछ नए पहलुओं को जोड़ा गया है। इस बार जनगणना में धर्म और संप्रदाय की जानकारी भी ली जाएगी। इससे यह पता चल सकेगा कि देश में किस धर्म के कितने लोग निवास करते हैं। इसके अतिरिक्त, यह जानकारी भी मिलेगी कि देश की जनसंख्या में किस प्रकार के सांप्रदायिक विविधता है और समाज में विभिन्न धर्मों के लोगों का योगदान कितना है।

देश की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का भी पता लगाना

जनगणना का उद्देश्य सिर्फ जनसंख्या की गणना करना ही नहीं, बल्कि देश की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का भी पता लगाना होता है। इसके आंकड़ों से सरकार को यह समझने में मदद मिलती है कि किन क्षेत्रों में विकास की जरूरत है और किन योजनाओं को लागू करने से लोगों को अधिक लाभ होगा। जनगणना के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, और आवास जैसी बुनियादी आवश्यकताओं के बारे में आंकड़े इकट्ठा किए जाते हैं।

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अब हर 15 साल में होगी जनगणना

इस जनगणना के बाद अगली जनगणना 2035 में होगी। इस प्रकार, अब हर दस वर्ष की बजाय जनगणना का सायकल पंद्रह वर्ष का हो गया है। यह बदलाव शायद इस उद्देश्य से किया गया है कि अधिक विस्तृत और सटीक जानकारी एकत्र की जा सके और इसे बेहतर ढंग से विश्लेषित किया जा सके।

विकास की दिशा में प्रभावी निर्णय

देश की जनगणना का यह नया सायकल और नए प्रश्न देश की आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक स्थिति को और गहराई से समझने का एक अवसर प्रदान करेंगे, जिससे विकास की दिशा में प्रभावी निर्णय लिए जा सकें। जनगणना के ये आंकड़े नीति निर्धारण और विकास योजनाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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