




घटना 6 मई की बताई जा रही है, लेकिन इसका वीडियो हाल ही में सोशल मीडिया पर सामने आया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि स्कूल के भीतर मिट्टी का ढेर लगा है और छोटे-छोटे बच्चे अपने सिर पर तसले रखकर गड्ढों में मिट्टी डाल रहे हैं। बताया जा रहा है कि ये गड्ढे बरसात में पानी भर जाने की वजह से परेशानी का कारण बन रहे थे, जिन्हें भरवाने के लिए स्कूल प्रशासन ने मिट्टी मंगवाई थी। शुरुआती जानकारी के अनुसार, स्कूल प्रशासन ने गड्ढों को भरवाने के लिए मजदूर बुलाए थे, लेकिन वे बिना काम किए वापस चले गए। इसके बाद स्कूल के स्टाफ ने बच्चों से ही गड्ढों में मिट्टी भरवाना शुरू कर दिया। वीडियो में बच्चे खुद फावड़ा चलाते और तसलों में मिट्टी भरकर ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं।
गांव छांयसा के रहने वाले कल्याण सिंह नामक एक व्यक्ति ने इस घटना का वीडियो अपने मोबाइल से रिकॉर्ड किया। उनका कहना है कि इस स्कूल में इससे पहले भी बच्चों से झाड़ू लगवाने जैसे काम करवाए गए हैं। वीडियो वायरल होने के बाद एक शिक्षक ने बच्चों को काम रोकने के लिए कहा, लेकिन तब तक यह मामला लोगों की नजरों में आ चुका था।
यह तथ्य भी सामने आया है कि स्कूल को हर साल मरम्मत के लिए शिक्षा विभाग से ग्रांट दी जाती है। ऐसे कार्यों के लिए बाहरी मजदूरों को तैनात किया जाना चाहिए, न कि पढ़ाई के लिए स्कूल आने वाले बच्चों से शारीरिक श्रम करवाया जाए। हैरानी की बात यह है कि घटना के समय कोई भी शिक्षक बच्चों के साथ मौजूद नहीं था।




