Inkhabar Haryana, CM Flying Raid on illegal Abortion Racket: हरियाणा के पलवल जिले में भ्रूण हत्या और अवैध रूप से संचालित अस्पतालों के खिलाफ सरकार की सख्ती अब जमीन पर दिखने लगी है। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता, फरीदाबाद को मिली गुप्त सूचना के आधार पर गांव भीमसिका के निकट स्थित जलालपुर मोड़, थाना उटावड़ क्षेत्र में संचालित एक अवैध अस्पताल ‘सलमा हॉस्पिटल’ पर छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए, जिससे पूरे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया।
गुप्त सूचना पर हुई छापेमारी
सीएम फ्लाइंग फरीदाबाद को सूचना मिली थी कि ‘सलमा हॉस्पिटल’ नामक एक क्लीनिक में गैरकानूनी रूप से गर्भपात कराए जाते हैं। इस अस्पताल में कोई भी वैध डॉक्टर नियुक्त नहीं है और प्रतिबंधित दवाओं व औजारों का उपयोग कर अवैध रूप से भ्रूण हत्या की जाती है। सूचना मिलते ही डॉ. संजय शर्मा (उप सिविल सर्जन पलवल), डॉ. ज्योति (महिला चिकित्सक), प्रदीप दहिया (जिला औषधि नियंत्रक), और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके पर औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण में मिला नाबालिग का मामला
निरीक्षण के दौरान टीम को अस्पताल में एक नाबालिग लड़की (उम्र करीब 17 साल) और एक अन्य महिला का इलाज करते हुए पाया गया, जिनका अवैध रूप से गर्भपात किया जा रहा था। मौके पर मौजूद अस्पताल की संचालिका सलमा से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि उसके पास अस्पताल चलाने की कोई वैध डिग्री नहीं है। सलमा ने यह भी कबूला कि वह वर्तमान में टीबी स्कूल ऑफ मेडिसिन, बैंगलोर से जीएनएम कोर्स के दूसरे वर्ष की पढ़ाई कर रही है और पिछले एक साल से यह कथित अस्पताल चला रही है। वह एक गर्भपात के एवज में 7 से 8 हजार रुपये वसूलती थी।
प्रतिबंधित दवाएं और औजार भी मिले
टीम को अस्पताल परिसर में 5 स्ट्रिप मिजोप्रोस्टोल टैबलेट्स (200mg), 2 MTP किट्स और अन्य गर्भपात में प्रयुक्त प्रतिबंधित औषधियां तथा औजार बरामद हुए। इन दवाओं का बिना अधिकृत अनुमति के भंडारण व उपयोग करना कानूनी अपराध है।
पीड़ित महिलाओं को भेजा गया नागरिक अस्पताल
गर्भपात के लिए लाई गई दोनों महिलाओं को महिला डॉक्टरों की देखरेख में प्राथमिक उपचार हेतु नागरिक अस्पताल, पलवल भेजा गया है। नाबालिग लड़की के बयान बाल संरक्षण अधिकारी व महिला पुलिस अधिकारियों की निगरानी में दर्ज किए गए हैं, और इस पूरे मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत कानूनी कार्यवाही की जा रही है।