खुफिया सूचना पर हुई कार्रवाई
प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि नारनौल के नांगल चौधरी क्षेत्र में कुछ वाहन बगैर वैध ई-रवाना पर्ची और ओवरलोड सामग्री लेकर सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इसी आधार पर मुख्यमंत्री उड़नदस्ता ने कार्रवाई की योजना बनाई और 24 जुलाई को सुबह यह छापेमारी की गई। इस संयुक्त छापेमारी में मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की ओर से निरीक्षक सत्येंद्र कुमार और राजेश कुमार अपनी टीम के साथ मौजूद रहे। खनन विभाग की ओर से निरीक्षक तन्नू जोशी और उनकी टीम ने मोर्चा संभाला, जबकि आरटीए विभाग की तरफ से टीआई बलवीर इस कार्रवाई का हिस्सा बने।
टीम को देख कई ओवरलोड वाहनों के चालक घबरा गए और अपने वाहनों को पास के होटल व ढाबों के पास खड़ा कर भाग निकले। कुछ चालकों ने तो डंपरों से रोडी (बजरी) उतारकर मौके से फरार होना बेहतर समझा। इससे कई जगह सड़कों पर रोडियां बिखर गईं, जिससे आम लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।
12.45 लाख का जुर्माना
कार्रवाई के दौरान पकड़े गए 18 ओवरलोड वाहनों पर आरटीए विभाग ने कुल 12,45,000 रुपए का जुर्माना ठोका। साथ ही, खनन विभाग ने जिन 6 डंपरों को बिना ई-रवाना पर्ची के पाया, उन्हें तुरंत सीज कर लिया। इन पर आगे विभागीय जांच के बाद अतिरिक्त जुर्माना लगाया जाएगा।
प्रशासन की सख्ती से अवैध कारोबारियों में हड़कंप
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की यह कार्रवाई नारनौल और आसपास के क्षेत्र में एक कड़ा संदेश है कि ओवरलोडिंग और बिना परमिट खनन को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इससे पहले भी कई जिलों में ऐसे छापे पड़ चुके हैं, और इस ताजा कार्रवाई ने अवैध खनन माफिया और ट्रांसपोर्टरों में हड़कंप मचा दिया है। छापेमारी में शामिल अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नियमों की अवहेलना करने वाले किसी भी चालक, वाहन मालिक या खनन व्यवसायी को बख्शा नहीं जाएगा। राज्य सरकार का स्पष्ट आदेश है कि ओवरलोडिंग और अवैध खनन के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस नीति’ अपनाई जाए।