




रात्रि प्रवास के दौरान ग्रामीणों ने पेयजल संकट और कच्ची गलियों जैसी समस्याओं को उपायुक्त के समक्ष रखा। उपायुक्त मुनीष शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि जन्म प्रमाण पत्र और आय प्रमाण पत्र से संबंधित समस्याओं को तत्परता से निपटाया जा रहा है। बड़ी समस्याओं के समाधान के लिए कुछ समय की आवश्यकता होगी, लेकिन प्रशासन इसे प्राथमिकता से हल करेगा।
पुलिस अधीक्षक अर्श वर्मा ने ग्रामीणों को नशा मुक्ति के महत्व के बारे में जागरूक किया। उन्होंने बताया कि युवाओं को नशे से बचाने के लिए प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है। नशे की लत से पीड़ित युवाओं के लिए सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा दी जा रही है। उन्होंने बुजुर्गों से अपील की कि वे युवाओं को खेल और पढ़ाई की ओर प्रेरित करें और नशे से बचने के लिए उन्हें जागरूक करें।
पुलिस प्रशासन ने ग्रामीणों से अनुरोध किया कि वे गांव में नशे के अवैध व्यापार की सूचना दें ताकि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। नशा मुक्त जिला बनाने के लिए पुलिस प्रशासन का यह कदम सराहनीय है।
कार्यक्रम के दौरान साइबर क्राइम के प्रति भी जागरूकता फैलाई गई। ग्रामीणों को बताया गया कि डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा का ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है। साथ ही, ग्रामीण विकास के लिए सुझाव मांगे गए।
उपायुक्त ने बताया कि रात्रि प्रवास का मुख्य उद्देश्य सरकार और ग्रामीणों के बीच बेहतर संवाद स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि प्रशासन गांव के विकास और जनता की समस्याओं को हल करने के लिए प्रतिबद्ध है।




