Inkhabar Haryana, CM Nayab Saini: गुरुग्राम में आयोजित ग्रीवेंस कमिटी की बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों की लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया। बैठक में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से जुड़े मुद्दे पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से गुरुग्राम में मौजूद एसटीपी की संख्या के बारे में सवाल किया। इस सवाल का संतोषजनक उत्तर न मिलने पर मुख्यमंत्री ने पॉल्यूशन विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए।
एसटीपी का विवरण देने में विफल रहे अधिकारी
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने पॉल्यूशन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी से पूछा कि गुरुग्राम में कितने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट हैं। अधिकारी इस सवाल का स्पष्ट जवाब देने में असमर्थ रहे। इससे मुख्यमंत्री बेहद नाराज हुए और उन्होंने इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारी की सैलरी काटने के आदेश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि अधिकारी इस तरह की बुनियादी जानकारी नहीं रखते, तो उनका यहां रहना व्यर्थ है। क्या आप यहां केवल पैसे कमाने के लिए आते हैं?
अधिकारियों पर एक-दूसरे पर लगा रहे आरोप
बैठक में यह भी देखा गया कि जब मुख्यमंत्री ने सख्त सवाल पूछे, तो कई अधिकारी एक-दूसरे पर दोषारोपण करने लगे। मुख्यमंत्री ने इसे बेहद गैर-पेशेवर व्यवहार बताते हुए अधिकारियों को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यह रवैया सहन नहीं किया जाएगा और सभी को अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करना होगा।
व्यवहार सुधारने की सख्त चेतावनी
सीएम सैनी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अधिकारी अपनी कार्यशैली और व्यवहार में सुधार लाएं। उन्होंने कहा कि आप यहां जनता की सेवा करने के लिए हैं, न कि एक-दूसरे पर आरोप लगाने या जिम्मेदारियों से बचने के लिए। यदि भविष्य में ऐसी लापरवाही या अनियमितता पाई गई, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
एसटीपी की स्थिति पर गहन समीक्षा की मांग
नायब सैनी ने पॉल्यूशन विभाग को निर्देश दिए कि एसटीपी की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि एसटीपी का सही तरीके से संचालन पर्यावरण की सुरक्षा और नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक है।