




हरियाणा की क्रेच नीति का मुख्य उद्देश्य 8 साल से कम उम्र के बच्चों को मुफ्त, समावेशी और गुणवत्तापूर्ण बाल देखभाल की सुविधा प्रदान करना है। इसके तहत बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास को ध्यान में रखते हुए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। योजना के तहत 3 साल से छोटे बच्चों को क्रेच सेवाएं और 3 से 6 साल के बच्चों को मिड-डे मील की सुविधा दी जाएगी।
हरियाणा सरकार ने क्रेच सेंटर में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए भी विशेष कदम उठाए हैं। क्रेच वर्कर्स को 15,000 रुपये प्रति माह और सहायकों को 7,500 रुपये प्रति माह वेतन दिया जाएगा। इसके अलावा, 201 कार्यकर्ताओं को प्री-सर्विस प्रशिक्षण दिया जा रहा है, और 26 मध्य-स्तरीय कार्यकर्ताओं को उन्नत प्रशिक्षण दिया गया है।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने मोबाइल क्रेच संगठनों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर इस योजना को क्रियान्वित किया है। अब तक पहले चरण में 15 जिलों में 165 क्रेच सेंटर खोल दिए गए हैं। ये सेंटर ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में खोले जा रहे हैं, ताकि समाज के हर तबके तक इन सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित हो सके।




