




सीएम ने इस दौरान 2500 से ज्यादा नए पटवारियों को नियुक्ति पत्र भी सौंपे। इस अवसर पर उन्होंने दो दिलचस्प किस्से सुनाए, जो हरियाणा की नई व्यवस्था और भाजपा सरकार के पारदर्शी दृष्टिकोण को समझाने के लिए काफी हैं।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने बताया कि एक बार उनका भतीजा, जो MBA और BSc कर चुका है, उनसे नौकरी की सिफारिश करने आया। उसने कहा कि चाचा, मेरी नौकरी लगवा दो। इस पर सीएम ने उसे डांटते हुए कहा कि इतना खुला सिस्टम है कि मेहनत करने वालों को नौकरी खुद मिल रही है। तू मेरे पास क्यों आया?
सैनी ने अपने भतीजे को स्पष्ट शब्दों में कहा कि मेहनत करो, परीक्षा दो और खुद अपनी योग्यता से नौकरी पाओ। यह बयान न केवल पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की गवाही देता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि सरकार अपने परिवारजनों के साथ भी विशेष व्यवहार नहीं करती।
आपके इस वक्तव्य के लिए आभार माननीय मुख्यमंत्री जी!!
आदरणीय प्रधानमंत्री @narendramodi जी के कुशल मार्गदर्शन में हमने हरियाणा में सुशासन और पारदर्शिता की जो मजबूत नींव रखी उसका लाभ आज उन सभी युवाओं के साथ ही प्रदेश के मेरे परिवारजनों को मिल रहा है तथा मुझे पूरा भरोसा है कि आने… https://t.co/3YNSmCHwRh— Manohar Lal (@mlkhattar) January 7, 2025
इस पर मनोहर लाल ने कहा कि सिस्टम सुधारना है या पुराने रास्ते पर ही चलना है? सैनी ने जवाब दिया कि उन्हें सुधार चाहिए। खट्टर ने तब कहा कि तो फिर यह सिफारिश भूल जाओ। इस अनुभव ने सैनी को गहराई से प्रभावित किया और उन्हें समझ आया कि पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
सैनी ने इस घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछली सरकारों में नौकरियों में सिफारिश और रिश्वत का बोलबाला था। ऐसे में गरीब और पात्र युवाओं को मौका नहीं मिलता था। भाजपा सरकार ने इस पर सख्त कदम उठाए और आज हरियाणा में “बिना पर्ची, बिना खर्ची” की नीति लागू की है।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि आज योग्य युवा मेहनत करके सरकारी नौकरी हासिल कर सकते हैं। किसी भी तरह की सिफारिश या रिश्वत की जरूरत नहीं है।




