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CM Nayab Saini: जब सीएम नायब सैनी के पास उनका भतीजा नौकरी लगवाने आया, तब… जानें क्या कहा चाचा ने?

BY: • LAST UPDATED : January 9, 2025
Inkhabar Haryana, CM Nayab Saini: हरियाणा के सीएम नायब सैनी इन दिनों प्रदेश में पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की मिसाल बनकर उभरे हैं। हाल ही में, उन्होंने पंचकूला में पटवारियों के राज्य स्तरीय सम्मेलन में एक ऐसा किस्सा साझा किया, जो न केवल उनकी ईमानदारी को दर्शाता है, बल्कि प्रदेश में बिना सिफारिश और रिश्वत के नौकरी देने के सरकारी दावे को भी मजबूत करता है।

सीएम ने इस दौरान 2500 से ज्यादा नए पटवारियों को नियुक्ति पत्र भी सौंपे। इस अवसर पर उन्होंने दो दिलचस्प किस्से सुनाए, जो हरियाणा की नई व्यवस्था और भाजपा सरकार के पारदर्शी दृष्टिकोण को समझाने के लिए काफी हैं।

भतीजे का किस्सा: “चाचा, नौकरी लगवा दो”

मुख्यमंत्री नायब सैनी ने बताया कि एक बार उनका भतीजा, जो MBA और BSc कर चुका है, उनसे नौकरी की सिफारिश करने आया। उसने कहा कि चाचा, मेरी नौकरी लगवा दो। इस पर सीएम ने उसे डांटते हुए कहा कि इतना खुला सिस्टम है कि मेहनत करने वालों को नौकरी खुद मिल रही है। तू मेरे पास क्यों आया?

सैनी ने अपने भतीजे को स्पष्ट शब्दों में कहा कि मेहनत करो, परीक्षा दो और खुद अपनी योग्यता से नौकरी पाओ। यह बयान न केवल पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की गवाही देता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि सरकार अपने परिवारजनों के साथ भी विशेष व्यवहार नहीं करती।

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बिना सिफारिश के नौकरी: खट्टर के पास पर्ची लेकर जाना

सैनी ने एक और किस्सा साझा किया, जब वे विधायक थे। उन्होंने बताया कि उनके क्षेत्र के कुछ युवा नौकरी की सिफारिश के लिए उनके पास आए। उनकी मदद के उद्देश्य से वे एक पर्ची लेकर तत्कालीन सीएम मनोहर लाल खट्टर के पास गए। सैनी ने उनसे युवाओं की नौकरी की सिफारिश की।


 

इस पर मनोहर लाल ने कहा कि सिस्टम सुधारना है या पुराने रास्ते पर ही चलना है? सैनी ने जवाब दिया कि उन्हें सुधार चाहिए। खट्टर ने तब कहा कि तो फिर यह सिफारिश भूल जाओ। इस अनुभव ने सैनी को गहराई से प्रभावित किया और उन्हें समझ आया कि पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

बिना पर्ची और खर्ची का मॉडल

सैनी ने इस घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछली सरकारों में नौकरियों में सिफारिश और रिश्वत का बोलबाला था। ऐसे में गरीब और पात्र युवाओं को मौका नहीं मिलता था। भाजपा सरकार ने इस पर सख्त कदम उठाए और आज हरियाणा में “बिना पर्ची, बिना खर्ची” की नीति लागू की है।

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि आज योग्य युवा मेहनत करके सरकारी नौकरी हासिल कर सकते हैं। किसी भी तरह की सिफारिश या रिश्वत की जरूरत नहीं है।