Inkhabar Haryana, DGP Shatrujeet Kapoor on Manisha Death Case: भिवानी में शिक्षिका मनीषा की रहस्यमयी मौत ने प्रदेशभर में गहरी संवेदनाएं और सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवार और समाज की मांग को देखते हुए हरियाणा सरकार ने इस केस को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने का निर्णय लिया है। इसी कड़ी में हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (DGP) शत्रुजीत कपूर ने मीडिया से बातचीत करते हुए साफ किया कि अब इस मामले की आगे की जांच राज्य पुलिस नहीं बल्कि CBI करेगी।
CBI को केस सौंपने पर DGP की सफाई
डीजीपी कपूर ने कहा कि परिवार की भावनाओं और विश्वास को देखते हुए केस CBI को सौंपा जा रहा है। यह निर्णय डॉक्टरों या फॉरेंसिक विशेषज्ञों की काबिलियत पर किसी तरह का प्रश्नचिह्न नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हरियाणा पुलिस अब तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है और इस स्तर पर किसी भी तथ्य का खुलासा करना उचित नहीं होगा।
तीसरा पोस्टमार्टम बना अहम कड़ी
मनीषा के दो पोस्टमार्टम हरियाणा में किए गए थे, लेकिन परिजनों की मांग पर तीसरा पोस्टमार्टम दिल्ली एम्स में कराया गया। डीजीपी के मुताबिक, फॉरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट को समझने और परखने में समय लगता है, इसलिए मामले की जांच लंबी खिंच गई।
सामाजिक दबाव और पुलिस की भूमिका
डीजीपी ने कहा कि इस घटनाक्रम में कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सकारात्मक भूमिका निभाई, जबकि कुछ लोग महज़ पब्लिसिटी पाने के लिए व्यवस्था पर ही सवाल उठाने लगे। ऐसे लोगों पर कार्रवाई की गई है और जो शेष हैं उन्हें चिह्नित किया जा रहा है। वहीं, शुरुआती दौर में परिवार के साथ अनुचित व्यवहार करने वाले पुलिस कर्मियों पर भी विभागीय जांच चल रही है। प्रेम प्रसंग, ज़हर खाने या खिलाए जाने, सीसीटीवी फुटेज और कथित सुसाइड नोट से जुड़े सवालों को DGP ने टाल दिया। उन्होंने साफ कहा कि अब इन सभी बिंदुओं पर जांच केवल CBI करेगी, और वही आगे का सच सामने लाएगी।