




Diwali Preparations: दिवाली का त्योहार नजदीक आ रहा है और अंबाला में इसकी तैयारियां जोरों पर हैं। बाजार सजने लगे हैं और लोगों में खरीदारी का उत्साह बढ़ गया है। दीयों का बाजार खास तौर पर रंग-बिरंगा हो गया है। मुजफ्फरनगर और दिल्ली से मिट्टी के दीये आ रहे हैं, जबकि गुजरात से सजावटी दीये भी लोगों को भा रहे हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों के लोग दीये बना रहे हैं, जो शहर में बेचे जा रहे हैं। इन साधारण दीयों की कीमत 80 से 100 रुपये तक है। वहीं, गुजरात के फैंसी दीये 100 से 150 रुपये में बिक रहे हैं। चाइनीज दीये भी बाजार में उपलब्ध हैं, जो खासतौर पर पानी से चलते हैं और आकर्षक लगते हैं। इनकी कीमत 200 रुपये तक हो सकती है। शहर के कुम्हार मोहल्ले में पहले कई दुकानें थीं, लेकिन अब केवल पांच से छह दुकानें ही रह गई हैं। रमेश कुमार, एक स्थानीय कुम्हार, ने बताया कि लक्ष्मी माता और गणेश भगवान की मूर्तियां भी कलकत्ता से आई हैं। ये मूर्तियां 120 से 800 रुपये में बिक रही हैं।
अहोई अष्टमी के लिए भी बाजार में बर्तनों की खरीदारी शुरू हो चुकी है। ये बर्तन ग्रामीण क्षेत्रों से बनकर आए हैं और अब उन्हें सजाने का काम किया जा रहा है। बाजार में बर्तनों की भी अच्छी मांग है। दिवाली के इस उत्सव में सभी लोग अपने-अपने घरों को रोशन करने की तैयारी कर रहे हैं। दीयों, मूर्तियों और बर्तनों की खरीदारी से पता चलता है कि लोग इस विशेष पर्व को मनाने के लिए कितने उत्सुक हैं।




