Inkhabar Haryana, Drone Agriculture in Haryana: हरियाणा सरकार ने प्रदेश की कृषि और आपदा प्रबंधन व्यवस्था में आधुनिक तकनीक के समावेश की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। सीएम नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में बुधवार को चंडीगढ़ में “ड्रोन इमेजिंग एंड इंफॉर्मेशन सर्विसेज ऑफ हरियाणा लिमिटेड” (DRIISHYA) के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की 9वीं बैठक का आयोजन हुआ। इस बैठक में ड्रोन तकनीक के माध्यम से किसानों को लाभ पहुंचाने और प्राकृतिक आपदाओं की निगरानी को और अधिक सटीक बनाने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए।
ड्रोन से होगी फसलों की बीमारी की पहचान
सीेएम ने बैठक में निर्देश दिए कि ड्रोन आधारित पायलट प्रोजेक्ट तैयार किया जाए, जिसमें फसलों में होने वाली बीमारियों की समय रहते पहचान की जा सके। इस परियोजना के तहत शुरुआती चरण में आलू, चना, कपास, धान और सब्जियों जैसी महत्वपूर्ण फसलों को शामिल किया जाएगा। ड्रोन इमेजिंग के ज़रिए बीमार फसलों की पहचान करके समय रहते उपचार की सटीक रणनीति बनाई जा सकेगी, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सकेगा।
‘ड्रोन दीदी योजना’ को मिलेगी रफ्तार
सीएम सैनी ने खासतौर पर ‘ड्रोन दीदी योजना’ का जिक्र करते हुए कहा कि महिला किसानों और ग्रामीण महिलाओं को ड्रोन तकनीक में प्रशिक्षित करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को इस योजना के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाया जा सके।
प्राकृतिक खेती में भी होगा ड्रोन का उपयोग
सीएम ने बैठक में इस बात पर बल दिया कि ड्रोन तकनीक का उपयोग सिर्फ निगरानी या बीमारियों की पहचान तक सीमित न रखते हुए इसे प्राकृतिक खेती में भी शामिल किया जाए। विशेष रूप से जीवामृत के छिड़काव के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करने का प्रस्ताव रखा गया, जिससे किसानों का श्रम कम होगा और जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस दिशा में किसानों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी
इस महत्वपूर्ण बैठक में हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर और कृषि, राजस्व, आपदा प्रबंधन तथा तकनीकी विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की भूमिका और तकनीकी पहलुओं पर चर्चा की।
सीएम सैनी ने बैठक के समापन पर कहा कि हरियाणा अब नवाचार और आधुनिक तकनीक के जरिये किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है। ड्रोन तकनीक भविष्य का माध्यम है और हम इसे वर्तमान में उतारकर किसानों को सीधे लाभ दिलाना चाहते हैं।