Inkhabar Haryana, Drone Flew in BJP MLA Program: हरियाणा के रेवाड़ी में हर शनिवार को होने वाले भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक लक्ष्मण यादव के सफाई अभियान में एक बार फिर सुर्खियों में आने का मौका मिल गया है, लेकिन इस बार वजह कुछ और ही है। 18 मई को आयोजित इस अभियान में प्रतिबंध के बावजूद ड्रोन उड़ाया गया, जिससे प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामले को लेकर अब SDM और DC के बीच भी मतभेद सामने आए हैं।
कवरेज के लिए उड़ा ड्रोन
धारूहेड़ा चुंगी से नाईवाली चौक तक करीब 2 किलोमीटर के क्षेत्र में चलाए गए इस सफाई अभियान में सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। सामाजिक जागरूकता के लिए स्कूलों के बच्चों ने मानव श्रृंखला भी बनाई। इस पूरे अभियान की बेहतर कवरेज के लिए ड्रोन का उपयोग किया गया, जिसने कार्यक्रम के हर हिस्से को हवा से कवर किया।
प्रतिबंध के बावजूद डेढ़ घंटे तक उड़ता रहा ड्रोन
हालांकि, हैरानी की बात यह रही कि 14 मई को रेवाड़ी के जिलाधिकारी (DC) अभिषेक मीणा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत जिले में किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम, धार्मिक उत्सव या विवाह समारोह में ड्रोन और अन्य उड़ने वाले उपकरणों के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया था। बावजूद इसके, यह ड्रोन करीब एक से डेढ़ घंटे तक सरेआम उड़ता रहा। ड्रोन उड़ा रहे युवक से जब सवाल किया गया कि क्या उसे प्रतिबंध की जानकारी है, तो वह चुप रहा और ड्रोन उड़ाता रहा। कार्यक्रम के दौरान तैनात सुरक्षा कर्मियों को भी ड्रोन दिखाई नहीं दिया, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठते हैं।
SDM ने दी परमिशन की बात तो DC ने किया खंडन
मामला तब और पेचीदा हो गया जब रेवाड़ी के SDM सुरेंद्र सिंह ने दावा किया कि ड्रोन उड़ाने की अनुमति ली गई थी। वहीं, DC अभिषेक मीणा ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस तरह की कोई अनुमति जारी नहीं की गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई शिकायत आती है, तो कोर्ट से अनुमति लेकर दोषियों के खिलाफ FIR दर्ज करवाई जाएगी।
BJP विधायक बोले – मुझे नहीं पता कौन लाया ड्रोन
BJP विधायक लक्ष्मण यादव ने भी इस पूरे घटनाक्रम से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि कार्यक्रम में कई संस्थाएं और स्कूल शामिल थे और उन्हें नहीं पता कि ड्रोन कौन लेकर आया था। उन्होंने कहा कि जब उन्हें जानकारी मिली, तब ड्रोन को बंद करवा दिया गया। साथ ही उन्होंने जांच में सच्चाई सामने आने की बात कही। DC ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति आदेशों का उल्लंघन करता है, तो उस पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, यह प्रतिबंध सशस्त्र बलों, राज्य पुलिस, केंद्रीय बलों और आपदा प्रबंधन इकाइयों पर लागू नहीं होगा।