




Inkhabar Haryana, Dushyant Chautala on Manisha Case: हिसार जिले के नारनौंद उपमंडल के गांव सिंघवा खास में रविवार को एक विशेष आयोजन हुआ। यहां पशुपालकों ने मुर्रा नस्ल की भैंस धन्नो रानी का जीवन-जग मनाया। यह वही धन्नो रानी है, जिसने सात बार राष्ट्रीय चैंपियन का खिताब जीतकर न केवल अपने मालिक का, बल्कि पूरे हरियाणा का नाम रोशन किया है। इस मौके पर हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला भी पहुंचे और पशुपालकों व परिवार को सम्मानित किया।
धन्नो रानी मुर्रा नस्ल की एक ऐसी भैंस है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर सहित कई मंत्रियों द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। मुर्रा नस्ल भारत की सबसे प्रसिद्ध व उच्च दुग्ध उत्पादन वाली भैंसों में गिनी जाती है। यह मुख्य रूप से हिसार, जींद और भिवानी जिलों में पाई जाती है। धन्नो रानी 25 वर्ष की उम्र पूरी कर चुकी है और 25 किलो 656 ग्राम दूध देकर राष्ट्रीय रिकॉर्ड बना चुकी है।
पशुपालक ईश्वर सिंह ने बताया कि उन्होंने 2008 में इस भैंस को खरीदा था और तब से यह लगातार पुरस्कार जीतती रही। 2015 तक धन्नो रानी राष्ट्रीय स्तर पर चैंपियन रही और अनेक पुरस्कार अपने नाम किए। उन्होंने कहा कि यह भैंस परिवार का एक सदस्य है और इसी ने गांव और प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर चमकाया है।
पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने धन्नो रानी के जीवन-जग के अवसर पर परिवार को बधाई देते हुए कहा कि यह बहुत बड़ी उपलब्धि है कि इस परिवार ने 25 साल तक भैंस को अपने परिवार के सदस्य की तरह रखा और पूरे देश में हरियाणा का नाम रोशन किया। आज जमाना ऐसा है कि लोग मां-बाप को भी घर पर नहीं रखते, लेकिन इस परिवार ने इस भैंस को संजोकर एक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
उन्होंने यह भी कहा कि पशुपालकों की मेहनत और समर्पण ही हरियाणा को पशुधन में अग्रणी बनाते हैं। मगर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि कोविड के बाद से पशु मेलों पर रोक लगने से किसानों को अपने पशुधन की असली कीमत पाने का अवसर कम हो गया है।
मौके पर दुष्यंत चौटाला ने हरियाणा की कानून-व्यवस्था पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में हालात ऐसे हैं कि गुंडे नायाब हो गए हैं और पुलिस गायब। हर रोज तीन मर्डर और अन्य अपराध दर्ज हो रहे हैं। पिछले एक साल में कितने एनकाउंटर हुए, और हर बार आरोपी को गोली पैर में ही लगी। लगता है कि हरियाणा पुलिस को ओलंपिक में गोल्ड मेडल मिलना चाहिए कि कोई भी अपराधी बिना पांव पर गोली खाए नहीं गया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पुलिस पहले पकड़ती है, फिर पांव में गोली मारती है और फिर एनकाउंटर दिखा देती है।




