Inkhabar Haryana, Electricity Theft in Faridabad: हरियाणा के फरीदाबाद में बिजली की खपत बढ़ने के साथ ही फरीदाबाद जिले में बिजली चोरी के मामलों में भी भारी इज़ाफा देखने को मिला है। जहां एक ओर गर्मी के मौसम में एसी, कूलर और पंखों की मांग बढ़ती है, वहीं दूसरी ओर कई उपभोक्ता बिजली निगम को चकमा देकर चोरी की बिजली से अपने उपकरण चलाते हैं। चाहे रिहायशी क्षेत्र हों या वाणिज्यिक संस्थान, कुंडी कनेक्शन और मीटर से छेड़छाड़ अब आम बात हो गई है।
बिजली चोरी की आदत
आश्चर्यजनक लेकिन सत्य यह है कि फरीदाबाद में बहुत से लोग जब अपना नया मकान बनाना शुरू करते हैं, तो विधिवत बिजली कनेक्शन लेने की बजाय सीधे कुंडी कनेक्शन से बिजली का उपयोग शुरू कर देते हैं। निर्माण कार्य के दौरान यह एक आम चलन बन गया है, जिससे निगम को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है।
जुलाई महीने की छापेमारी रिपोर्ट में चौंकाने वाले आंकड़े
हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा जुलाई 2025 में की गई छापेमारी से जुड़े आंकड़े स्पष्ट रूप से बताते हैं कि जिले में बिजली चोरी कितनी व्यापक और संगठित हो चुकी है। निगम की अलग-अलग टीमों ने 1 जुलाई से 31 जुलाई तक फरीदाबाद के विभिन्न क्षेत्रों में छापेमारी की। इस दौरान सबसे अधिक मामले बल्लभगढ़ से सामने आए, जहां 116 उपभोक्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 1.60 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसके बाद ग्रेटर फरीदाबाद में भी बिजली चोरी के कई मामले उजागर हुए। इसके उलट, एनआईटी क्षेत्र में सबसे कम 22 मामले सामने आए, जिनमें करीब 20 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया।
मीटर से छेड़छाड़ के मामले
यह समूची छापेमारी अधीक्षण अभियंता जितेंद्र ढुल के आदेश पर की गई, जिसमें कई विशेष टीमें शामिल थीं। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कई स्थानों पर उपभोक्ताओं ने मीटर से छेड़छाड़ कर बिजली चोरी की थी। कुछ जगहों पर तो तारों को सीधा ट्रांसफॉर्मर से जोड़ दिया गया था।
पुराने बदनाम इलाकों में फिर हुई चोरी की पुष्टि
बिजली चोरी की घटनाएं उन क्षेत्रों में भी सामने आईं, जो पहले से ही इस तरह की गतिविधियों के लिए बदनाम रहे हैं। इनमें सरूरपुर, धौज, कुरैशीपुर, फतेहपुर तगा और गाजीपुर की कई नई और पुरानी कॉलोनियां शामिल हैं। खासकर उन कॉलोनियों में जहां अभी विकास कार्य जारी हैं, वहां बिना मीटर के बिजली उपयोग आम हो चुका है।