Inkhabar Haryana, Electricity tower dispute in Sirsa: हरियाणा के सिरसा जिले में बिजली निगम द्वारा रिहायशी इलाके में हाई टेंशन टॉवर लगाने को लेकर भारी विवाद खड़ा हो गया है। डेरा सच्चा सौदा के निकट स्थित सुखसागर कॉलोनी में रह रहे लोगों ने बिजली विभाग की इस कार्रवाई को तानाशाही करार देते हुए तीखा विरोध जताया है। कॉलोनीवासियों का आरोप है कि विभाग जानबूझकर रिहायशी क्षेत्र को चुन रहा है, जबकि आसपास के खाली क्षेत्रों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
निगम पर मनमानी का आरोप
स्थानीय निवासी वकील चंद, छिन्द्र कौर, शीला और बंसी राम सहित अन्य कॉलोनीवासियों ने मीडिया से बातचीत में बताया कि बिजली निगम की टीम बिना अनुमति के उनके रिहायशी क्षेत्र में टावर लगाने पहुंची थी। जब लोगों ने विरोध किया, तो निगम के कर्मचारियों ने उन्हें धमकाने की कोशिश की। आरोप है कि टीम ने दोबारा आकर निर्माण सामग्री भी गिरवा दी और धमकाते हुए कहा कि टावर तो यहीं लगेंगे, ज्यादा विरोध किया तो अंजाम ठीक नहीं होगा।
प्रशासन की अनदेखी से नाराज हैं लोग
कॉलोनीवासियों का कहना है कि वे पहले भी कई बार अधिकारियों से मिल चुके हैं और लिखित शिकायतें दे चुके हैं, लेकिन उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया। विरोध के बावजूद टावर लगाने की जिद से लोगों में गहरा आक्रोश है। लोगों ने कहा कि पहले से ही गलियों में कई बिजली के पोल लगे हैं और अब हाई टेंशन टावर लगने से उनके जीवन और संपत्ति दोनों पर खतरा मंडरा रहा है।
विरोध कर रहे लोग मेहनत-मजदूरी कर जीवन यापन करने वाले आम नागरिक हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने पाई-पाई जोड़कर यह घर बनाए हैं, और अब उन्हें उजड़ने का भय सता रहा है। कॉलोनी के आगे और पीछे काफी खाली जमीन मौजूद है, जहां टावर लगाए जा सकते हैं, लेकिन इसके बावजूद अधिकारियों की जिदद कॉलोनीवासियों को नुकसान पहुंचाने की नीयत को दर्शाती है।
डेरा सच्चा सौदा अनुयायियों की बहुलता
सुखसागर कॉलोनी में डेरा सच्चा सौदा के अनुयायियों की बहुलता है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे शांति से रह रहे हैं, लेकिन अब बिजली निगम की जबरदस्ती उनके लिए समस्या बन गई है। उनका साफ कहना है कि वे किसी भी हालत में अपनी गली में टावर नहीं लगने देंगे। आक्रोशित कॉलोनीवासियों ने हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज से हस्तक्षेप करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही कार्रवाई नहीं हुई, तो वे मजबूर होकर सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे।