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Faridabad broken bridge: फरीदाबाद में खतरे की पुलिया, पांच साल से बदहाली पर ग्रामीण बोले- “ये पुल नहीं मौत…”

BY: • LAST UPDATED : August 8, 2025

Inkhabar Haryana, Faridabad broken bridge: हरियाणा के औद्योगिक शहर फरीदाबाद के ग्रामीण क्षेत्र में एक ऐसा यमुना पुल है, जो कभी गांवों को जोड़ने का जरिया था, लेकिन आज मौत का सबब बन चुका है। मोहना से बागपुर को जोड़ने वाला यह पुल बीते पांच वर्षों से खस्ताहाल स्थिति में है। बरसात के मौसम में हालात और भी बदतर हो जाते हैं जब गहरे गड्ढों में पानी भरकर सड़क को पूरी तरह से अदृश्य कर देता है और हादसे आम हो जाते हैं।

हर दिन गांववाले झेलते है जोखिम

इस पुल के जरिये मोहना, बागपुर और आसपास के करीब 12 से 14 गांव एक-दूसरे से जुड़े हैं। किसानों की फसल, छात्रों का स्कूल, व्यापारियों का बाजार और आम नागरिकों की रोजमर्रा की आवाजाही सब कुछ इसी पुल पर निर्भर है। लेकिन पिछले पांच वर्षों में इसकी हालत ऐसी हो चुकी है कि ग्रामीण इसे “मौत का पुल” कहने लगे हैं।

पुल पर जगह-जगह बने गहरे और चौड़े गड्ढे बरसात के पानी से लबालब भर जाते हैं। सड़क और गड्ढे में फर्क कर पाना नामुमकिन हो जाता है, और परिणामस्वरूप दुपहिया वाहन चालक या हल्के वाहन अक्सर फिसलकर गिर जाते हैं। किसी का हाथ टूटता है, तो किसी की जान चली जाती है।

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ग्रामीणों की ज़ुबानी ज़मीन का सच

वहां के स्थानीय निवासी बताते हैं कि मैं पिछले तीन-चार सालों से देख रहा हूं कि सड़क की हालत दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है। आगे का हिस्सा तो पूरी तरह से उखड़ चुका है, लेकिन कोई मरम्मत नहीं हुई।ये सड़क अब सफर नहीं, संघर्ष बन गई है। हादसे रोज होते हैं। सरकार सोई है। मैं इस पुल से छह-सात सालों से रोज गुजरता हूं। हालत पहले जैसी ही है खराब और जानलेवा। मेरे सामने ही तीन-चार लोगों की मौत हो चुकी है।

स्थानीय निवासी रोहताश भाटी की आंखों में आज भी वह मंजर ताजा है जब उनके भाई का इसी पुल पर भयानक एक्सीडेंट हुआ था। वह बताते हैं कि एक आदमी की तो मौके पर ही मौत हो गई थी। पंचायत और प्रशासन से शिकायत की लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। अगर यह पुल बंद हो गया, तो हमारे लिए पलवल जाना भी बंद हो जाएगा।