Inkhabar Haryana, Faridabad monsoon preparation: जैसे-जैसे मानसून नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे हरियाणा के शहरी क्षेत्रों में जलभराव को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। लेकिन इस बार फरीदाबाद प्रशासन कोई भी चूक नहीं छोड़ना चाहता। मंगलवार को जिला उपायुक्त विक्रम यादव ने खुद शहर की सड़कों पर उतरकर जलभराव वाले संवेदनशील इलाकों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।
डीसी ने लिया तैयारियों का जायजा
डीसी विक्रम यादव का यह दौरा खासतौर पर उन स्थानों पर केंद्रित रहा जहां हर साल बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति गंभीर हो जाती है। उन्होंने ओल्ड अंडरपास, एनएचपीसी अंडरपास और अन्य जलभराव संभावित क्षेत्रों का मौके पर जाकर निरीक्षण किया।
इस दौरान नगर निगम, फरीदाबाद मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (FMDA), नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI), बिजली विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी उनके साथ मौजूद रहे। उन्होंने नालों की सफाई, जल निकासी की व्यवस्था और ट्रैफिक प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लिया।
शहर में हो रही नालियों की सफाई
डीसी विक्रम यादव ने मीडिया से बातचीत में बताया कि जलभराव की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए शहर के बड़े नालों की सफाई का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन जगहों पर नालों पर अवैध कब्जे थे, उन्हें हटा दिया गया है और अब जल निकासी की व्यवस्था बेहतर बनाई जा रही है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इस बार जलभराव की समस्या को रोकने के लिए हर स्तर पर समन्वय किया गया है। “हमारा पूरा प्रयास है कि इस बार मानसून के दौरान फरीदाबाद शहर जलमग्न ना हो और आमजन को परेशानी का सामना न करना पड़े,” डीसी ने कहा।
जनसहभागिता पर जोर
उपायुक्त ने शहरवासियों से भी सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि सिर्फ प्रशासन के प्रयास काफी नहीं हैं। लोगों को भी यह समझना होगा कि नालियों में पॉलिथीन या घरेलू कचरा डालने से नालों का बहाव रुकता है, जिससे जलभराव की स्थिति बनती है। हम सभी को मिलकर सफाई और जिम्मेदारी निभानी होगी। डीसी ने स्पष्ट किया कि यह निरीक्षण एक बार का नहीं है। आने वाले दिनों में भी अधिकारी फील्ड में रहकर तैयारी की समीक्षा करते रहेंगे। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे समय-समय पर दौरे करें और सफाई अभियान की गुणवत्ता की रिपोर्ट दें।