Inkhabar Haryana, Faridabad News: फरीदाबाद जिले में बढ़ती गर्मी के साथ आग लगने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। जहां एक ओर प्रशासन और दमकल विभाग निजी व सरकारी संस्थानों पर फायर NOC के लिए सख्ती बरत रहे हैं, वहीं दूसरी ओर खुद सरकारी विभागों की लापरवाही बड़े हादसों को न्योता दे रही है। ऐसा ही एक मामला सामने आया है फरीदाबाद के सेक्टर-12 स्थित एचएसवीपी कन्वेंशन सेंटर का, जो फिलहाल जिले का सबसे प्रमुख स्थल है जहां उच्चाधिकारियों की बैठकें होती हैं।
कई सालों से अग्निसुरक्षा के इंतज़ाम नदारद
जानकारी के अनुसार, इस कन्वेंशन सेंटर में पिछले कई वर्षों से अग्निसुरक्षा से जुड़ी कोई भी ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। जो फायर सिलेंडर वहां मौजूद हैं, वे भी लंबे समय पहले एक्सपायर हो चुके हैं। ऐसे में अगर किसी बैठक के दौरान या सामान्य समय में भी यहां आग लगने की घटना घटती है, तो वह बेहद भयावह साबित हो सकती है। यह स्थिति ना केवल अधिकारियों के लिए, बल्कि कर्मचारियों व आम जनता के लिए भी खतरे की घंटी है।
फायर अधिकारियों की अनदेखी आई सामने
फरीदाबाद में हुड्डा कन्वेंशन हॉल के अलावा कोई और ऐसा केंद्र नहीं है जहां उच्चस्तरीय बैठकों का आयोजन किया जा सके। यही कारण है कि अधिकांश प्रशासनिक व सरकारी बैठकें इसी कन्वेंशन सेंटर में होती हैं। लेकिन विडंबना यह है कि जिस इमारत में जिले की नीतियां बनती हैं उसी के अग्निसुरक्षा उपाय सवालों के घेरे में हैं। जहां दमकल विभाग लगातार निजी संस्थानों पर नियमों के पालन को लेकर दबाव बना रहा है, वहीं एचएसवीपी के इस केंद्र में स्वयं विभाग और फायर अधिकारियों की अनदेखी सामने आई है। यह स्थिति प्रशासन की दोहरी नीति को उजागर करती है।
मंत्री राव नरवीर ने दिए कार्रवाई के निर्देश
जब यह मुद्दा ग्रीवेंस कमेटी की बैठक के दौरान कैबिनेट मंत्री राव नरवीर के समक्ष उठाया गया, तो उन्होंने तत्काल इस पर संज्ञान लिया। राव नरवीर ने फरीदाबाद के डिप्टी कमिश्नर को त्वरित कार्रवाई के निर्देश देते हुए कहा कि अग्निसुरक्षा की व्यवस्था को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की लापरवाही को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।