Inkhabar Haryana, Faridabad night halt program: हरियाणा सरकार की जनसंवाद पहल ‘रात्रि ठहराव कार्यक्रम’ एक सार्थक दिशा की ओर बढ़ता हुआ प्रयास बनता जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार की शाम जिला प्रशासन फरीदाबाद द्वारा गांव बहादरपुर में रात्रि ठहराव का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में जिलाधिकारी विक्रम सिंह एवं पुलिस आयुक्त सत्येंद्र कुमार गुप्ता ने गांव में रात्रि प्रवास कर जनसंवाद बैठक की अध्यक्षता की और ग्रामीणों की व्यक्तिगत व सार्वजनिक समस्याएं सुनकर उनके समाधान के लिए तुरंत निर्देश भी जारी किए।
बारिश में भी उमड़ा जनसैलाब
तेज़ बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में ग्रामीण इस जनसंवाद बैठक में शामिल हुए, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि यह कार्यक्रम न केवल प्रशासन को जनता के और करीब ला रहा है, बल्कि ग्रामीणों में अपनी समस्याओं को खुलकर रखने की उम्मीद भी जगा रहा है। डीसी विक्रम सिंह ने कहा कि यह कार्यक्रम सरकार की उस सोच का हिस्सा है जिसमें प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित हो सके। आज यहां इतनी बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति दर्शाती है कि यह पहल जनकल्याण की दिशा में एक मजबूत कदम है।
स्वच्छता में बहादरपुर को सम्मान
बैठक की शुरुआत में डीसी ने गांववासियों को एक उत्कृष्ट खबर दी कि बहादरपुर गांव को आगामी 15 अगस्त को स्वच्छता एवं समग्र रखरखाव में बेहतर प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार पूरे गांव की एकजुटता और जागरूकता का परिणाम है, जो प्रदेश के अन्य गांवों के लिए प्रेरणास्त्रोत बनेगा।
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश
कार्यक्रम में सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देते हुए एक 8 माह की बालिका का जन्मदिन सामूहिक रूप से मनाया गया। यह संदेश ग्रामीणों को यह जताने के लिए था कि बेटियों का जन्म उत्सव का विषय होना चाहिए। डीसी ने गांव के लोगों से आग्रह किया कि वे लिंगानुपात सुधारने की दिशा में जागरूकता लाएं और ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के अभियान को गांव में सजीव करें।
पुलिस आयुक्त सत्येंद्र गुप्ता ने ग्रामीणों से नशा मुक्ति की दिशा में जागरूक रहने और सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज, परिवार और बच्चों को नशे से बचाना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। यदि किसी को गांव में ड्रग्स बेचने या उसका सेवन करने की जानकारी मिलती है तो तुरंत पुलिस या प्रशासन को सूचित करें।”
प्रशासन ने दिए समाधान के निर्देश
बैठक के दौरान ग्रामीणों ने गांव की सड़क, जलनिकासी, स्वास्थ्य सुविधाएं और शिक्षा से संबंधित समस्याएं रखीं। डीसी ने सभी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीणों से यह भी कहा कि वे प्रशासन के सहयोगी बनें और विकास कार्यों में भागीदारी निभाएं।