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Farmer Protest: “किसान आंदोलन को लेकर भाजपा और आम आदमी पार्टी दोनों ही कर रहे हैं राजनीति”-  कुमारी सैलजा

BY: • LAST UPDATED : January 16, 2025
Inkhabar Haryana, Farmer Protest: किसान आंदोलन को लेकर केंद्र सरकार और राज्य सरकारों की निष्क्रियता पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री और सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने खनौरी बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन और किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के आमरण अनशन पर चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र और राज्य सरकारों पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया।

अनशन पर गंभीर स्थिति

कुमारी सैलजा ने कहा कि खनौरी बॉर्डर पर किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल पिछले 51 दिनों से आमरण अनशन पर हैं। उनकी सेहत लगातार बिगड़ रही है, लेकिन केंद्र सरकार ने अब तक कोई पहल नहीं की। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इस आंदोलन के दौरान कोई अप्रिय घटना हुई, तो सरकार के लिए हालात संभालना मुश्किल होगा।

सैलजा ने कहा कि 111 किसानों का जत्था कंटीली तारों को पार कर आमरण अनशन पर बैठ गया है। यह सरकार के लिए स्पष्ट संदेश है कि किसान अब किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि केंद्र और राज्य सरकारें क्यों चुप हैं, और किसानों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय, उन्हें रोकने के लिए फोर्स तैनात कर रही हैं।

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भाजपा और आप पर राजनीतिक आरोप

कुमारी सैलजा ने किसान आंदोलन को लेकर BJP और आम आदमी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार और पंजाब में सत्तारूढ़ आप सरकार दोनों ही किसानों के मुद्दों को सुलझाने के बजाय इसे राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल कर रही हैं।

सैलजा ने सवाल उठाया कि केंद्र सरकार किसानों को MSP की कानूनी गारंटी देने से क्यों बच रही है। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार उद्योगपतियों के करोड़ों-अरबों के कर्ज माफ कर सकती है, तो किसानों और मजदूरों के कर्ज माफ करने में क्या समस्या है।

हरियाणा सरकार की अधूरी घोषणाओं पर सवाल

कुमारी सैलजा ने हरियाणा सरकार की 24 फसलों को MSP पर खरीदने की अधिसूचना को दिखावा करार दिया। उन्होंने कहा कि इनमें से अधिकांश फसलें हरियाणा में होती ही नहीं हैं। यह कदम केवल वाहवाही लूटने के लिए उठाया गया है। उन्होंने मांग की कि हरियाणा सरकार किसानों को खुश करने के बजाय एमएसपी को कानूनी दर्जा देने पर अपना रुख स्पष्ट करे।