Inkhabar Haryana, Farmer Protest: खनौरी बॉर्डर पर किसानों का आंदोलन लगातार जारी है और इसके 77वें दिन भी किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल का आमरण अनशन जारी रहा। पिछले कुछ दिनों से उनकी तबीयत बिगड़ने के बावजूद, आज डॉक्टरों के अथक प्रयासों के बाद उन्हें ड्रिप के माध्यम से मेडिकल सहायता दी गई।
स्वास्थ्य स्थिति और चिकित्सा सहायता
बता दें कि, गत 6 दिनों से उनकी सभी नसें ब्लॉक हो जाने के कारण किसी भी प्रकार की चिकित्सा सहायता नहीं दी जा रही थी, लेकिन आज, 7 दिन बाद, डॉक्टरों ने ड्रिप के माध्यम से उन्हें आवश्यक चिकित्सा मदद प्रदान की। किसानों के इस संघर्ष को लेकर पूरे देश में चर्चा हो रही है और उनकी मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ता जा रहा है।
किसान संगठनों ने घोषणा की है कि 11 फरवरी को रत्नपुरा मोर्चे पर एक बड़ी किसान महापंचायत आयोजित की जाएगी। इस महापंचायत की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा चुका है और इसमें राजस्थान और हरियाणा से हजारों किसान भाग लेने के लिए पहुंचेंगे। किसान नेताओं ने कहा कि यह महापंचायत आंदोलन को और मजबूती देगी और सरकार को किसानों की मांगों पर जल्द से जल्द कार्रवाई करनी होगी।
अमेरिका से भारतीयों के डिपोर्टेशन पर डल्लेवाल का बयान
हाल ही में अमेरिका से भारतीयों को जहाज के माध्यम से डिपोर्ट किए जाने के मुद्दे पर किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अपने ही देश में रोजगार की कमी के कारण युवा विदेश जाने को मजबूर हो रहे हैं। केंद्र सरकार ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘स्वदेशी’ का नारा तो देती है, लेकिन जमीन पर इसे लागू करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जाते। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी दूर करने के लिए कृषि क्षेत्र पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
कृषि बजट और MSP गारंटी कानून की मांग
डल्लेवाल ने सरकार की कृषि नीतियों पर भी सवाल उठाए और बताया कि देश की 50% से अधिक आबादी कृषि पर निर्भर है, लेकिन खेती के लिए बजट का केवल 3.38% हिस्सा आवंटित किया जाता है, जो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में किसानों की स्थिति सुधारना चाहती है, तो उसे MSP गारंटी कानून लागू करना, स्वामीनाथन आयोग के C2+50% फॉर्मूले को लागू करना और किसानों की कर्ज़मुक्ति सुनिश्चित करनी होगी।
बठिंडा में प्रेस कॉन्फ्रेंस का ऐलान
किसान नेताओं ने बताया कि कल सुबह 9:30 बजे बठिंडा के टीचर्स होम में एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी। इस दौरान किसान आंदोलन, MSP गारंटी कानून, बेरोजगारी और अन्य प्रमुख मुद्दों पर चर्चा होगी।