




Inkhabar Haryana, Farmer Protest: पंजाब के खनौरी बॉर्डर पर किसान नेता जगजीत डल्लेवाल का आमरण अनशन 26 दिनों से जारी है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत सरकार ने खनौरी बॉर्डर पर एक अस्थायी अस्पताल की व्यवस्था की है। यह अस्पताल एक निजी होटल के पास बनाया गया है, ताकि अनशन के कारण बिगड़ती डल्लेवाल की सेहत का तुरंत इलाज किया जा सके।
जगजीत डल्लेवाल ने 26 नवंबर को किसानों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की मांग को लेकर आमरण अनशन शुरू किया था। तब से अब तक उनका वजन 12 किलोग्राम कम हो चुका है। 19 दिसंबर को उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई, जब वे नहाने के बाद बाहर निकले। इसके बाद वे करीब आधे घंटे तक बेहोश रहे।
डल्लेवाल को पहले 26 नवंबर की रात को पंजाब सरकार ने खनौरी बॉर्डर से उठाकर पटियाला के डीएमसी अस्पताल में भर्ती किया था। हालांकि, किसानों के विरोध के बाद उन्हें 28 नवंबर को रिहा कर दिया गया। किसान संगठनों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि डल्लेवाल अपने स्थान और सिंहासन को नहीं छोड़ेंगे, चाहे उन्हें किसी भी प्रकार की चिकित्सा सुविधा दी जाए।
जगजीत डल्लेवाल की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए किसान उनकी सुरक्षा को लेकर सतर्क हैं। किसानों ने रात के समय भी पहरा देना शुरू कर दिया है ताकि डल्लेवाल को कोई नुकसान न पहुंचे।
किसानों ने तीन बार दिल्ली कूच का ऐलान किया, लेकिन प्रशासन ने आंसू गैस और बैरिकेडिंग के माध्यम से उन्हें रोक दिया। आंदोलन की इस कड़ी में, खनौरी और शंभू बॉर्डर पर किसान संगठनों ने विरोध प्रदर्शन जारी रखने के निर्देश दिए हैं।
किसान आंदोलन से जुड़े इस मामले की अगली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में 2 जनवरी को होगी। यह देखना अहम होगा कि न्यायालय क्या फैसला सुनाता है और सरकार व किसानों के बीच इस मुद्दे का समाधान कैसे निकलता है।




