




Farmers Strike: हरियाणा के यमुनानगर में किसान अपनी मांगों के लिए धरना दे रहे थे। वे पराली जलाने के मामले में पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई का विरोध कर रहे थे। किसानों का आरोप है कि प्रशासन उन पर बेवजह मुकदमे दर्ज कर रहा है। किसानों के धरने के दौरान पुलिस के साथ धक्कामुक्की हुई, जिससे माहौल गर्मा गया।
किसान नेता सुभाष गुर्जर ने कहा कि धान की फसल के सीजन में किसानों पर प्रदूषण का सारा दोष मढ़ा जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रशासन को चाहिए कि वह पराली प्रबंधन के लिए ठोस कदम उठाए, बजाय इसके कि किसानों पर मुकदमे दर्ज करे। उनका मानना है कि केंद्र सरकार ने 2021 में किसानों को आपराधिक दायित्व से मुक्ति देने का वादा किया था, लेकिन हरियाणा सरकार उसके विपरीत कार्रवाई कर रही है।
धरने के दौरान किसान शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। किसानों ने कहा कि अगर प्रशासन उनकी बात नहीं सुनता है, तो वे 7 नवंबर को प्रदेशभर से और किसानों और नेताओं को यमुनानगर में एक बड़ी महापंचायत बुलाएंगे। किसानों की मांग है कि पराली जलाने के आरोप में दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं।
किसानो का कहना है की उनके लिए उचित पराली प्रबंधन की व्यवस्था की जाए। वे चाहते हैं कि सरकार किसानों को आवश्यक कृषि सामग्री, जैसे खाद, बीज और दवाइयां सही मात्रा में उपलब्ध कराए। किसान हर वर्ष प्रदूषण के मुद्दे पर ही दोषी ठहराए जाते हैं। इसलिए, वे सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं ताकि कृषि क्षेत्र को सही दिशा मिल सके।
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