Inkhabar Haryana, Fatehabad News: अमेरिका की नई इमिग्रेशन नीति के तहत वहां से 104 अवैध प्रवासी भारतीयों को डिपोर्ट कर दिया गया है। इनमें हरियाणा के भी 33 लोग शामिल हैं, जिनमें तीन युवक फतेहाबाद जिले के हैं। इन तीनों में से एक भूना, दूसरा गांव दिगोह और तीसरा कुलां गांव का रहने वाला है। अमेरिका से जबरन भेजे जाने की खबर मिलते ही इनके परिवारों में हड़कंप मच गया है।
गांव दिगोह का युवक भी हुआ डिपोर्ट
गांव दिगोह के सरपंच हरसिमरन सिंह के अनुसार, गांव के ही सुखविंद्र सिंह उर्फ काला का 24 वर्षीय बेटा गगनप्रीत सिंह सितंबर 2022 में इंग्लैंड स्टडी वीजा पर गया था। परिवार ने बेटे को विदेश भेजने के लिए अपनी 3.5 एकड़ जमीन में से 2.5 एकड़ बेच दी थी। गगनप्रीत अपने पिता का इकलौता बेटा है और उसकी एक छोटी बहन है, जो अभी पढ़ाई कर रही है।
डंकी रूट से पहुंचा था अमेरिका
गांव के लोगों के मुताबिक, गगनप्रीत ने कुछ समय पहले ही डंकी रूट के जरिए अमेरिका जाने का जोखिम उठाया था, ताकि वहां नौकरी करके परिवार की आर्थिक मदद कर सके। लेकिन वहां पहुंचने के बाद उसे अमेरिकी प्रशासन ने पकड़ लिया और अब डिपोर्ट कर दिया गया है।
गगनप्रीत के पिता सुखविंद्र सिंह उर्फ काला पशुपालन का काम करते हैं और दूध बेचकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उनकी पत्नी गृहिणी हैं और घर के साथ-साथ पशुपालन में भी हाथ बंटाती हैं। बेटे के बेहतर भविष्य के लिए उन्होंने अपनी जमीन बेच दी, लेकिन अब उसका इस तरह लौटना पूरे परिवार के लिए झटका है।
20 दिन पहले हुई थी आखिरी बातचीत
गगनप्रीत के परिवार ने आखिरी बार उससे 20 दिन पहले फोन पर बात की थी। इसके बाद से उसका फोन लगातार स्विच ऑफ आ रहा था। अब जब परिवार को उसके डिपोर्ट होने की जानकारी मिली है, तो वे चिंता में डूब गए हैं। माता-पिता बेटे से बात करने के लिए बेताब हैं लेकिन अभी तक कोई सीधी बातचीत नहीं हो सकी है।
अमृतसर एयरबेस पर उतरा विमान
बुधवार को अमेरिकी एयरफोर्स का सी-17 ग्लोबमास्टर विमान 104 डिपोर्ट किए गए भारतीयों को लेकर अमृतसर एयरफोर्स बेस पर उतरा। इनमें पंजाब के 30 और हरियाणा व गुजरात के 33-33 लोग शामिल हैं। अमेरिका की नई इमिग्रेशन नीति के तहत इन लोगों को देश से बाहर निकाला गया है।
परिवारों में छाई मायूसी
गगनप्रीत के घर पर रिश्तेदारों और गांव के लोग लगातार पहुंच रहे हैं, वहीं कई फोन पर भी जानकारी ले रहे हैं। परिवार के सदस्य मीडिया से बातचीत करने में झिझक महसूस कर रहे हैं और बेटे के सुरक्षित लौटने की उम्मीद में बैठे हैं।