Inkhabar Haryana, Fine Arts Expert Bharti Story: “अंधेरा जितना गहरा होता है, सुबह उतनी ही करीब होती है।” इस पंक्ति को हकीकत में बदल रही हैं उत्तराखंड के रामनगर (नैनीताल) की रहने वाली भारती, जो विपरीत परिस्थितियों को मात देकर अपनी मेहनत और लगन से जीवन को एक नई दिशा दे रही हैं। बचपन में एक दर्दनाक हादसे में दोनों हाथ गंवाने के बाद भी भारती ने हार नहीं मानी और आज अपनी कला से सबको प्रेरित कर रही हैं।
बचपन में हादसा लेकिन हौसले बुलंद
भारती की जिंदगी में एक मोड़ तब आया जब वह छोटी थीं। एक दिन, खेलते समय विस्फोटक पदार्थ के संपर्क में आने से उनके दोनों हाथ क्षतिग्रस्त हो गए। यह हादसा उनके लिए शारीरिक रूप से बेहद बड़ा झटका था, लेकिन मानसिक रूप से उन्होंने खुद को कभी कमजोर नहीं पड़ने दिया। भारती ने जीवन की कठिन राह को अपनी इच्छाशक्ति और जुनून से आसान बना लिया।
फाइन आर्ट में बनी मिसाल
आज भारती कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के फाइन आर्ट विभाग में मास्टर डिग्री के द्वितीय वर्ष की छात्रा हैं। उन्होंने शुरुआत से ही फाइन आर्ट को अपने करियर के रूप में चुना और इसमें कुछ अलग करने का संकल्प लिया। भारती ने विशेष रूप से नेचुरल आर्ट की ओर रुझान दिखाया और उसी में खुद को निपुण बनाया। धीरे-धीरे उन्होंने इतनी महारत हासिल की कि उनके बनाए चित्र अब देश के कई बड़े शहरों में आयोजित कला प्रदर्शनी का हिस्सा बन चुके हैं। उनकी कलाकृतियां अब तक चंडीगढ़, अमृतसर और दिल्ली जैसी जगहों पर लोगों की सराहना बटोर चुकी हैं।
गुरुओं की नजर में अनमोल हीरा
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के फाइन आर्ट विभाग के अध्यक्ष डॉ. गुरुचरण सिंह ने भारती को अत्यंत प्रतिभाशाली छात्रा बताया। उन्होंने कहा कि हम लगातार उसका काम देखते आ रहे हैं। वह न केवल अपने साथियों से बेहतर काम करती है, बल्कि कई बार तो वह ऐसी बारीकी और सृजनात्मकता दिखाती है जो सामान्य विद्यार्थियों के लिए भी कठिन होती है। भारती की सहपाठी तनीषा ने बताया कि भारती की लगन और कार्यशैली सभी को प्रेरित करती है। उन्होंने कहा कि हमारे जैसे विद्यार्थी भी उस स्तर की बारीकी से काम नहीं कर पाते, जैसी भारती करती है। वह सच्चे अर्थों में हम सबके लिए प्रेरणास्रोत हैं।