Inkhabar Haryana, Gaurav Gautam on Blood Donation Camp in Palwal: विश्व रक्तदान दिवस के अवसर पर पलवल की पंजाबी धर्मशाला में एक प्रेरणादायक और मानवीय पहल देखने को मिली। हरियाणा के खेल मंत्री गौरव गौतम ने इस अवसर पर रक्तदान शिविर का शुभारंभ करते हुए न केवल लोगों को रक्तदान की शपथ दिलाई, बल्कि दिव्यांगजनों को ट्राई साइकिल और बैसाखियां वितरित कर उन्हें नया जीवन जीने की दिशा में प्रेरित भी किया।
महिलाओं और पुरुषों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया
इस रक्तदान शिविर का आयोजन आदित्य गौतम मेमोरियल ट्रस्ट और जिला रेडक्रॉस सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में किया गया था। शिविर में महिलाओं और पुरुषों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अब तक कुल 105 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया। यह रक्त मुख्य रूप से थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों के लिए एकत्रित किया गया, जिनके लिए नियमित रक्त की आवश्यकता जीवन रेखा के समान होती है।
खेल मंत्री गौरव गौतम ने इस मौके पर रक्तदान करने वालों को वेज (बैज) लगाकर उनका मनोबल बढ़ाया और उन्हें “महादानी” की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि रक्तदान सबसे बड़ा दान है क्योंकि यह किसी अनजान व्यक्ति की जान बचा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि रक्त किसी फैक्ट्री में नहीं बन सकता, यह केवल इंसान से इंसान को ही दिया जा सकता है।
गौरव गौतम ने बताया रक्तदान करने का फायदा
गौतम ने बताया कि रक्तदान करने से शरीर में कोई कमजोरी नहीं आती, बल्कि इससे शरीर में नए रक्त का निर्माण होता है और व्यक्ति स्वस्थ महसूस करता है। साथ ही, रक्तदान के दौरान कराए जाने वाले परीक्षणों से शरीर की अंदरूनी स्थितियों की जानकारी भी मिलती है।
इस अवसर पर मंत्री ने पलवल जिले में ब्लड बैंक व सामाजिक संगठनों के सहयोग को भी सराहा। उन्होंने शिविर आयोजन में सहयोग करने वाले संस्थाओं व व्यक्तियों को मोमेंटो देकर सम्मानित किया। जिनमें जिला रेडक्रॉस की संचालिका सुमेश, नवजीवन ब्लड बैंक के संचालक सतीश कुमार प्रमुख थे।
ये नेता रहे मौजूद
शिविर में खेल मंत्री के साथ भाजपा जिलाध्यक्ष विपिन बैसला, जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. जयभगवान जाटान और जिला रेडक्रॉस के सचिव बिजेंदर सोरोत भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान खेल मंत्री ने दिव्यांगजनों के प्रति अपनी संवेदनशीलता का परिचय देते हुए उन्हें ट्राई साइकिल और बैसाखियां भेंट कीं। उन्होंने कहा कि इन सहायक उपकरणों के माध्यम से दिव्यांगजन अब अधिक स्वतंत्रता के साथ समाज की मुख्यधारा में शामिल हो सकेंगे।