Inkhabar Haryana, Gurugram Municipal Corporation: गुरुग्राम शहर में अवैध निर्माण के खिलाफ तीन साल बाद नगर निगम बड़ा अभियान चलाने जा रहा है। अगले सप्ताह से निगम द्वारा अवैध रूप से बने बहुमंजिला भवनों को तोड़ने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। प्रारंभिक चरण में चारों जोन से 20-20 इमारतों को चिह्नित किया गया है, जिन्हें ढहाने के आदेश जारी हो चुके हैं। यह कदम ऐसे समय पर उठाया जा रहा है, जब पिछले तीन वर्षों में निगम की कार्रवाई केवल नोटिस भेजने तक ही सीमित रही थी।
कार्रवाई का खाका
निगम आयुक्त प्रदीप दहिया ने चारों जोन की एन्फोर्समेंट टीमों को सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं। योजना के मुताबिक, हर जोन से पांच-पांच भवनों को नोटिस जारी किया गया है और इन्हें इसी सप्ताह गिराया जाएगा। इसके बाद धीरे-धीरे 500 अवैध भवनों पर कार्रवाई होगी। आयुक्त ने साफ किया है कि अब केवल सीलिंग की कार्रवाई नहीं होगी, बल्कि अवैध निर्माणों को जड़ से समाप्त करने के लिए सीधे तोड़ा जाएगा।
किराये का लालच बना बड़ी वजह
शहर में तेजी से बढ़ रहे अवैध बहुमंजिला भवनों का एक बड़ा कारण किराये का लालच है। कई बिल्डर और आम नागरिक बिना नक्शा पास कराए बहुमंजिला निर्माण कर रहे हैं। निगम मानता है कि इस प्रवृत्ति ने शहर की संरचना और नागरिक सुरक्षा, दोनों के लिए गंभीर खतरा पैदा किया है।
गौर करने वाली बात यह भी है कि निगम का भवन नक्शे पास करने का होबपास सिस्टम पिछले दो महीनों से ठप पड़ा है। इस कारण नागरिकों को वैध तरीके से निर्माण की अनुमति नहीं मिल पा रही है। कई लोगों ने इस पर आपत्ति जताई है कि जब निगम समय पर नक्शा पास नहीं करेगा, तो मजबूरन लोग अवैध निर्माण का सहारा लेंगे। यह स्थिति अवैध भवनों की संख्या में और इजाफा कर सकती है।
निगम की सख्त चेतावनी
आयुक्त प्रदीप दहिया ने दो टूक कहा है कि अवैध निर्माणों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि बिना अनुमति बने भवनों को सीधा गिराया जाए। साथ ही, उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही नागरिकों की समस्याओं का समाधान कर होबपास सिस्टम को दुरुस्त किया जाएगा, ताकि लोग वैध निर्माण की ओर बढ़ सकें।