Inkhabar Haryana, Gurugram News: गुरुग्राम के रिहायशी इलाकों में चल रहे अवैध कमर्शियल धंधों पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए सीलिंग और डेमोलिशन ड्राइव की शुरुआत कर दी है। अब रिहायशी मकानों में बिना अनुमति चल रहे ऑफिस, क्लीनिक, कोचिंग सेंटर, ब्यूटी पार्लर और रेस्टोरेंट्स पर प्रशासन का शिकंजा कसता जा रहा है। इस कार्रवाई का नेतृत्व स्वयं डिस्ट्रिक्ट एंड टाउन प्लानर (इन्फोर्समेंट) अमित मधोलिया कर रहे हैं, जो टीम के साथ मौके पर पहुंचकर नोटिस चस्पा कर रहे हैं।
क्या हैं पूरा मामला?
इस मुहिम की शुरुआत जून के पहले सप्ताह में हुई जब डीटीपीई अमित मधोलिया ने खुद मैदान में उतरकर रिहायशी इलाकों का निरीक्षण शुरू किया। उन्होंने बताया कि गुरुग्राम के 30 से 35 प्रतिशत मकानों में अवैध रूप से कमर्शियल गतिविधियां संचालित हो रही हैं। इनमें से अधिकतर गतिविधियां बिना किसी अनुमति के रिहायशी क्षेत्रों में चल रही हैं, जिससे आम नागरिकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
हर गली और कॉलोनी में छानबीन
प्रशासन की टीम ने विभिन्न सेक्टरों और कॉलोनियों का दौरा कर उन मकानों की पहचान की, जहां व्यवसायिक कार्य हो रहे हैं। ऐसे सभी मकानों पर नोटिस चस्पा किए जा रहे हैं, जिनमें मकान मालिकों से जवाब तलब किया गया है कि आखिर उनकी रिहायशी इमारत में व्यावसायिक गतिविधि क्यों चलाई जा रही है। डीटीपीई अमित मधोलिया ने साफ कहा है कि नोटिस के बाद अगर संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो उन भवनों को सील कर दिया जाएगा और जरूरत पड़ी तो डेमोलिशन की कार्रवाई भी होगी।
प्रशासन की कार्रवाई से व्यापारियों में हड़कंप
अवैध रूप से धंधा कर रहे व्यापारियों में प्रशासन की इस सख्ती के बाद हड़कंप मच गया है। कई लोगों ने इन धंधों में लाखों-करोड़ों रुपये का निवेश कर रखा है, लेकिन अब उनके व्यापार पर ताला लगने का खतरा मंडरा रहा है। वहीं, स्थानीय निवासी प्रशासन की इस कार्रवाई से संतुष्ट नजर आ रहे हैं, क्योंकि उन्हें इन अवैध धंधों के चलते ट्रैफिक, शोरगुल और असुविधा का सामना करना पड़ता था। अमित मधोलिया ने स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून तोड़ोगे तो धंधा भी बंद होगा और इमारत भी सील की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन अब किसी भी तरह की कोताही नहीं बरतेगा और हर रिहायशी क्षेत्र में नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा।